चुनावी रैलियों से जगमगाएगा 'पहाड़' अब होगा धुआंधार प्रचार
Feb 4 2017 6:47PM, Writer:शैद सैफी
सूबे पर सियासी सुरूर चढ़ता जा रहा है। अब समय प्रचार को धार देने का है। लिहाजा बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने विधानसभावार प्रचार वाहनों को उतार दिया है। हालांकि चुनाव आयोग ने स्टिंग की सीडी प्रचार में दिखाने पर रोक लगा दी। जिससे बीजेपी को झटका लगा है। अब पार्टी पीएम मोदी पर बने विज्ञापनों के जरिए प्रचार में जुटे हैं। वहीं कांग्रेस ने हरीश रावत को केन्द्र में रखते हुए प्रचार वाहनों को रवाना किया है। उधर, बीजेपी और कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की लंबी लिस्ट भी जारी की है। बीजेपी की लिस्ट में मोदी, शाह और जेटली जैसे दिग्गज हैं। तो कांग्रेस की लिस्ट शॉर्ट है। जिसमें सोनिया, राहुल, प्रियंका, हरीश रावत और किशोर के अलावा 5 से 6 छुटभैय्या नेताओं को जगह मिली है। वहीं बीजेपी रैलियों से रंग जमाने की तैयारी में है। पीएम मोदी की रैली उत्तराखंड में होने से जहां भाजपाई जहां गदगद हैं वहीं कांग्रेसी परेशान दिख रहे हैं। क्योंकि उन्हें देहरादून में हुई मोदी की ऐतिहासिक रैली याद आ रही है। कुल मिलाकर सूबे के सर्द मौसम में सियासत खूब गर्माएगी। एक तरफ रैलियों का रेला रहेगा। तो दूसरी तरफ प्रचार, धुआंधार, बहरहाल जोर दोनों तरफ से लगा है। देखना दिलचस्प होगा, कि ये जंग कौन जीतता है।
राज्य में विधानसभा चुनावों का महासंग्राम शुरु हो चुका है। सत्तारूढ़ कांग्रेस इतना ज्यादा झंझट में फंस गई है कि सीएम दो-दो सीटों और PCC चीफ सहसपुर में उलझ गए। टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में मची खलबली के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेता बीजेपी का दामन थाम रहे हैं। जिसके बाद हरीश रावत एकला चलो नीति अपना रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने पहाड़ छोड़ मैदान को अपनी रणभूमि बनाने का फैसला लिया। अपने लिए गढ़वाल और कुमाऊं से सीट पक्की की। जबकि पार्टी संगठन के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को सहसपुर सीट से प्रत्याशी बनाया। जहां कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का घुस पाना बेहद मुश्किल है। वहीं किशोर उपाध्याय को सहसपुर से टिकट देने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा गुस्सा है। जिसके बाद बीजेपी भी कांग्रेस पर हमला बोलने का कोई मौके छोड़ना नहीं चाहती। बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की हालात बेहद खराब हो चुकी है। कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही है। प्रदेश में पहली बार ऐसा होगा कि जब किसी भी पार्टी का बड़ा चेहरा दो सीटों से और अध्यक्ष अंजान सीट के अंजाने खतरे में फंसा है। हाई रिस्क फैक्टर के अलावा कोई चारा भी नहीं है क्योंकि कांग्रेस जबर्दस्त संक्रमणकाल से जूझ रही है।
रूद्रप्रयाग में आगामी 15 फरवरी को होने वाले मतदान को देखते हुए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रशासन ने उस जगह को भी चिन्हित किया है जहां बर्फबारी ज्यादा होती है और वहां वोटिंग के समय परेशानी बढ़ सकती है। जिला प्रशासन ने ऐसे 25 बूथों की लिस्ट तैयार की है जहां हर वक्त बर्फ गिरने की संभावना बनी रहती है। फिलहाल इस लिस्ट को जिला प्रशासन ने भारत के निर्वाचन आयोग को भेजी है। इन बूथों में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए जनपद मुख्यालय में तैनात कुमाउं रेजीमेंट से बर्फबारी में मतदान कर्मियों को सुविधा के लिए सामान जैसे जूते, कपड़े और सिल्पींग बैग की व्यवस्था की गई है। आर्मी के सीओ से भी बात की गई है। इन 25 बूथों में अलाव की व्यवस्था भी की गई है। ताकि सर्दी का थोड़ा असर कम हो सके। जिला प्रशासन मौसम के हालात पर नजर रखते हुए केदारघाटी के अलावा अन्य बर्फबारी वाले बूथों को चिहिन्त कर वहां पर पूरी व्यवस्था करने जा रहा है। जिससे मतदान पर किसी तरह की कोई परेशानी ना हो, क्योंकि फरवरी और मार्च महीने में भी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना ज्यादा रहती है। जिनमें गडगू, तोषी, गौंडार, जाल चैमासी, जाल मल्ला, जाल तल्ला, चिल्लौड़, खड़पतिया, त्रियुगी नारायण, गौरीकुण्ड, सोनप्रयाग तमाम ऐसे उंचाई वाले गांव हैं जहां बर्फबारी की संभावना हैं.