टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान
Feb 4 2017 7:02PM, Writer:शैद सैफी
टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस में शुरू हुआ घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। रूडकी में कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब ज्वालापुर विधानसभा में कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी ब्रिजरानी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ चुनावी बिगुल बजा दिया है। ब्रिजरानी ने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेसी वरिष्ठ नेता साहब सिंह ने हरीश रावत और किशोर उपाध्याय के खिलाफ जमकर जहर उगला। उन्होंने दोनों नेताओं पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा की दोनों नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आत्महत्या करने को मजबूर कर दिया है। अब समय आ गया है कि हरीश रावत को जनता करारा जवाब दे, ब्रिजरानी को टिकट ना मिलने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है। जिसका खामियाजा ज्वालापुर सीट पर कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है। वहीं ब्रिजरानी ने अपने समर्थकों की बैठक में कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता बाहरी प्रत्याशी एसपी सिंह को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा एसपी सिंह पहले भी तीन बार के विधानसभा चुनाव में पार्टी की ज़मानत ज़ब्त करा चुके हैं। ऐसे में ज्वालापुर की जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। बैठक में आए तमाम कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एसपी सिंह इंजीनियर का ज़ोरदार विरोध किया।
राजधानी की सहसपुर सीट से कांग्रेस सिंबल से चुनाव लड़ रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किशोर का नामांकन पत्र भले ही रिटर्निंग ऑफिसर ने स्वीकार कर लिया हो, पर निर्दलीय प्रत्याशी आर्येंद्र शर्मा के वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश सेठी ने रिटर्निंग आफिसर पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है इसके साथ ही केंद्र और राज्य के निर्वाचन दफ्तरों में शिकायत दर्ज कराई है। योगेश सेठी ने कहा है कि यदि आपत्ति रिटर्निंग के समक्ष दी गई थी, आपत्ति चस्पा होने के साथ-साथ निस्तारण भी चस्पा होना जरूरी था। ऐसा नहीं किया गया जो नियमानुसार नहीं है। उन्होंने सिर्फ किशोर उपाध्याय की पैन कार्ड की मूल प्रति मांगी थी जो कि मंगवाई भी नहीं गई थी। योगेश सेठी का आरोप है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने किशोर उपाध्याय से पैन कार्ड की मूल प्रति देखे बिना ही नामांकन स्वीकार कर लिया...जो कि पूरी तरह से अवैध है....अधिवक्ता की मानें तो किशोर उपाध्याय के खिलाफ वो इस लड़ाई को अंत तक जारी रखेंगे.