शिवसेना और कांग्रेस के बीच दोस्ती की डील...बीजेपी रह गई सन्न!
Feb 17 2017 2:09PM, Writer:मिथिलेश नौटियाल
New Delhi, Feb 16 : महाराष्ट्र में शिवसेना, बीएमसी चुनावों के लिए बीजेपी से गठबंधन तोड़ चुकी है और चुनाव में अकेले लड़ रही है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे रोजाना बीजेपी के खिलाफ जहर बुझे तीर छोड़ रहे हैं, हाल में उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस पीरियड पर बता दिया था और दो दिन पहले उन्हें महाराष्ट्र मध्यावधि चुनाव में जाता दिखाई दे रहा था, लेकिन इसी बीच उद्धव की पार्टी ने राज्य के रायगढ़ जिले में कुछ ऐसा किया कि उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। रायगढ़ जिला परिषद एवं पंचायत समिति के चुनाव में शिवसेना और कांग्रेस का गठबंधन हो गया है।
शिवसेना का जब से गठन हुआ है उसकी पूरी लड़ाई ही congress विरोध की रही है, इसके साथ ही कांग्रेसी नेता भी शिवसेना को कट्टर हिंदूवादी पार्टी और न जाने क्या-क्या कहा करते रहे हैं, बावजूद इसके दोनों पार्टियों ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए गठबंधन करके सबको चौंका दिया है। रायगढ़ में रातोंरात ऐसे पोस्टर-बैनर लग गए जिनमें स्थानीय प्रत्याशियों के साथ दिवंगत शिवसेना नेता बाल ठाकरे और congress अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीरों को एक साथ देखा जा रहा था। इन बैनर-पोस्टरों में लोगों से कांग्रेस-शिवसेना को वोट देने की अपील की गई है। रायगढ़ में 21 फरवरी को मतदान होना है और इससे पहले इस तरह के पोस्टर देख कर हर कोई हैरान है।
आखिर ये गठजोड़ कैसे हुआ, congress और शिवसेना किस विचारधारा पर एक स्तर पर आ गए, इसे लेकर दोनों ही पार्टियों के राज्य स्तर के नेताओं से सवाल किया गया तो वो खुद ही हैरानी जताने लगे। दोनों ही पार्टियों के नेता यह सफाई दे रहे हैं कि गठबंधन स्थानीय स्तर पर हुआ है, इसमें न तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं और न ही महाराष्ट्र congress अध्यक्ष अशोक चव्हाण। congress के महाराष्ट्र नेतृत्व ने तो जिला नेतृत्व से रिपोर्ट भी मांगी है।
महाराष्ट्र congress इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने सफाई में कहा कि इस मामले पर जिला इकाई से जानकारी मांगी गई है, पार्टी की स्थानीय इकाई ने राज्य नेतृत्व की अनुमति के बिना यह कदम उठाया है, इस मामले को देखा जा रहा है।