पीएम मोदी के सामने बौने साबित हुए विरोधी … GST पर कर दिया ये ऐलान !
Mar 4 2017 9:09PM, Writer:मीत
बताया जा रहा है कि वस्तु एवं सेवाकर यानी जीएसटी काउंसिल की तरफ से केंद्रीय और एकीकृत GST कानून के आखिरी मसौदे को मंजूरी दे दी गयी है। जीएसटी काउंसिल की तरफ से ये मंजूरी शनिवार को आयोजित बैठक में दी गयी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में GST के बाकी पूरक विधेयकों को भी आखिरी रूप दिया गया है । कुल मिलाकर कहें तो जल्द ही GST को लेकर सरकार कोई बड़ा फैसला कर सकती है। जीएसटी काउंसिल की ओर से मंजूर किये गये विधेयकों को अगले हफ्ते फिर से शुरू होने वाले बजट सेशन के दौरान पेश किया जाएगा। इस बीच आपको ये जरूरी जानकारी दे दें कि सरकार इस नए टैक्स सिस्टम को एक जुलाई से लागू करने के बारे में सोच रही है। सरकार का लक्ष्य है कि 1 जुलाई 2017 से इस कानून को लागू कर दिया जाए। गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक इनडायरेक्ट टैक्स है। जीएसटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक टैक्स लगाया जाता है। जहां GST लागू नहीं है, वहां वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग टैक्स लगाए जाते हैं। सरकार अगर इस बिल को लागू कर देती तो हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे करों की जगह सिर्फ एक ही टैक्स लगेगा।
इसके फायदे ये हैं कि संविधान के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारें अपने हिसाब से वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स लगा सकती हैं। अगर कोई कंपनी या कारखाना एक राज्य में अपने उत्पाद बनाकर दूसरे राज्य में बेचता है तो उसे कई तरह के टैक्स दोनों राज्यों को चुकाने होते हैं, जिससे उत्पाद की कीमत बढ़ जाती है। जीएसटी लागू होने से उत्पादों की कीमत कम होगी। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी लागू होने से देश की जीडीपी में एक से पौने दो फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि जीएसटी काउंसिल ने सीजीएसटी और आईजीएसटी कानून के अंतिम मसौदे को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही देश के वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि राज्य जीएसटी यानी एसजीएसटी के मसौदे को भी जल्दी ही मंजूरी मिलेगी।