उत्तराखंड के लाल भूपाल सिंह को आखिरी सलाम…शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले...
Mar 31 2017 12:21PM, Writer:मीत
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में शहीद लांस नायक भूपाल सिंह का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार की सुबह घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। अपने जिगर के टुकड़े का चेहरा देखते ही पिता को चक्कर आ गया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उनको एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। इधर, रानीबाग में सैनिकों की टोली ने गमगीन माहौल में अपने साथी को अंतिम सलामी दी। कुपवाड़ा से सूबेदार मेजर रंजीत कुमार शहीद लांस नायक भूपाल सिंह का पार्थिव शरीर लेकर बुधवार देर रात हल्द्वानी की सेना छावनी में पहुंच गए थे। सुबह होने पर सैनिक शव लेकर गुनीपुर जिवानंद गांव स्थित शहीद के घर पहुंचे तो माता-पिता बेटे का चेहरा देखते ही बदहवाश हो गए। कुपवाड़ा के सैनिकों ने परिजनों को बताया कि भूपाल को सिर के पीछे गोली लगी थी।बहनों का भी रोते-रोते बुरा हाल हो गया।
पिता की हालत खराब होने पर उनको एंबुलेंस से समीप के अस्पताल भेज दिया गया। काफी देर बाद उनकी हालत में सुधार हो सका। गांव के लोग शवयात्रा लेकर रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पहुंचे। गौला नदी के किनारे स्थानीय फौज के कैप्टन वैभव के नेतृत्व में आए 26 जवानों ने कई राउंड हवाई फायरिंग कर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। ताऊ राजेंद्र सिंह ने मुखाग्नि दी। घाट पर लोगों का कहना था कि इकलौते बेटे के मौत की सूचना मिलने पर मंगलवार को भी भूपाल के पिता केशर सिंह को हार्ट अटैक पड़ गया था। कुपवाड़ा से आए सैनिक भी यह बता नहीं रहे थे कि आखिर किन हालातों में शहीद भूपाल को गोली लगी थी। गोली किसने चलायी थी। इस बारे में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी बीएस रौतेला का कहना है कि इन सवालों का जवाब फौज की जांच रिपोर्ट आने पर ही मिल सकता है।