सुलग रही देवभूमि!...अब भी नहीं सुधरे तो सब खत्म हो जाएगा...आ जाएगी प्रलय !
Apr 1 2017 8:59PM, Writer:Riteish
उत्तराखंड जिसे देवभूमि भी कहते हैं, जहां देवताओं का निवास है। उसी देवभूमि को संवारने के लिए नए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रण लिया है। बीजेपी की जीत के बाद मुख्यमंत्री बने रावत ने कहा कि वो उत्तराखंड को उसका पुराना गौरव वापस दिलाएंगे। वो ये वादा पूरा करेंगे ये नहीं वो बाद की बात है लेकिन अभी तक उत्तराखंड के पर्यावरण के साथ स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने जो सलूक किया है उसका असर दिखाई देने लगा है। उत्तराखंड जो ठंडा इलाका माना जाता है। वहां पर लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है। गर्मी का लगातार बढ़ना पहाड़ी राज्य के लिए ठीक नहीं है। अभई मार्च खत्म ही हुआ है लेकिन उत्तराखंड के कई इलाकों में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। खास तौर पर मैदानी इलाके तो लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, उधमसिंह नगर, पंतनगर और देहरादून में तापमान ने पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
उत्तराखंड के के मैदानी इलाकों में तापमान 35 डिग्री से 36 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। इस से पहले पंतनगर में 31 मार्च 1991 को अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं शुक्रवार को यहां का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। देहरादून में तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो 2001 के तापमान के बराबर है। उत्तराखंड के मौसम में आ रहा बदलाव एक खतरनाक संकेत दे रहा है। राज्य में आने वाले पर्यटकों द्वारा फैलाए गए प्रदूषण के कारण देवभूमि का पर्यावरण काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले हफ्ते कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई है जिसक चलते तापमान में गिरावट के आसार जताए हैं। लेकिन फिर भी हम सभी को ये सोचने की जरूरत है कि राज्य के पर्यावरण को कैसे बचाया जाए। इस काम में हमें सरकार की मदद करनी होगी।