उत्तराखंड के रानीखेत में है दुर्गा मां का रहस्यमयी मंदिर…यहां होते हैं चमत्कार !
Apr 5 2017 9:06PM, Writer:अंकित
उत्तराखंड अपने आप में कई रहस्यों को समेटे हुए है। ना जाने कितने ऐसे रहस्य हैं जो उत्तराखंड की वादियों के गर्त में छिपे हैं। इसलिए इस धरती को देवताओं की भूमि भी कहा जाता है। आज हम आपको अल्मोड़ा के झूला देवी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। हम जानते है कि मां दुर्गा की सवारी शेर होता है। कहा जाता है कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा के दुर्गा मंदिर में मंदिर की रखवाली शेर करते है। ये शेर लोगों को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाते हैं। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में भक्तों का तांता लग जाता है। मंदिर झूला देवी मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। बताया जाता है कि जिस क्षेत्र में ये मंदिर मौजूद है वहां जंगली जानवरों का आतंक था। लेकिन एक बार मां दुर्गा किसी ग्रामीण के सपने में आई और उसे किसी जगह की खुदाई करने को कहा।
जब खुदाई की गई तो वहां से एक देवी की मूर्ति निकली जिसको इसी मंदिर में झूले पर स्थापित किया गया। लोगों का मानना ये भी है कि मंदिर में प्रार्थना करने वाले लोगों की मनोकामनाएं मां झूला देवी पूरी करती हैं। लोग मनोकामनाएं पूरी होने के बाद मां दुर्गा को तांबे की घंटी चढ़ाते हैं। इस मंदिर में लगी घंटियां लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। लेकिन इसके पीछे कहानी जो भी हो सच हो या झूठ लेकिन यहां मंदिर की रखवाली शेर करते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में शेर बिलकुल शांत तरीके से रहते हैं। रानीखेत शहर से 7 किमी. की दूरी पर स्थित ये लोकप्रिय मंदिर है। नवरात्र पर तो मां के दरबार में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। लोग दूर दूर से यहां आकर मन्नत मांगते हैं। कहा जाता है कि भक्तों की हर मनोकामना को मां जरूर पूरी करती हैं।