एसबीआई ग्राहकों के लिए बड़ी खबर…बैंक ने शुरू की चार्ज वसूली..करोड़ों लोग हैरान !
Apr 6 2017 6:03PM, Writer:मीत
अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भारत के कस्टमर्स से सर्विस चार्ज वसूल रहा है। इस तरह से ये बैंक प्राइवेट बैंकों की तरह काम करने लगा है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अब मुनाफे पर अपना ध्यान लगा रहा है। आपको बता दें कि मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने और कैश ट्रांजेक्शन को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अब प्राइवेट बैंकों की तरह चार्ज वसूलने लगा है। इसके साथ ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मंथली मिनिमम बैलेंस 10,000 रुपये से 2,500 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का कहना है कि मिनिमम बैलेंस मेंटेन ना करने पर ग्राहक से 20 से लेकर 100 रुपये हर महीने वसूले जाएंगे। इससे पहले बैंक में मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना जरूरी नहीं था। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक और बड़ा कदम उठाया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 1 अप्रैल 2017 से होम ब्रांच में फ्री कैश ट्रांजेक्शन की लिमिट फिक्स कर दी है। नया नियम कहता है कि अब ग्राहक 1 महीने में 3 ट्रांजेक्शन ही फ्री कर सकेंगे। इससे ज्यादा ट्राजेक्शन पर आपको 50 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन देना होगा।
आपको बता दें कि देश के दूसरे सरकारी बैंकों में अभी कैश ट्रांजेक्शन की कोई लिमिट नहीं है। जाहिर है कि अगर देश का सबसे बड़ा इस तरह के चार्जेस वसूलना शुरू करेगा तो सवाल उठने भी लाजिमी हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा लगाए गए चार्जेज पर जब मीडिया द्वारा सवाल उठाए गए तो बैंक की चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य ने सधा सा जवाब दिया। उनका कहना है कि बैंक में बड़े पैमाने पर जनधन अकाउंट हैं और इस वजह से चार्जेज सही हैं। अगर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चेयरमैन की इस बात को पैमाना मानें तो पीएनबी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया समेत दूसरे सरकारी बैंकों पर क्या जनधन खातों का दबाव नहीं है ? इसके अलावा ये दूसरे बैंक मिनिमम बैंलेंस और ट्रांजेक्शन चार्ज को लेकर इस तरह से एग्रेसिव नहीं हैं। कस्टमर्स अब SBI द्वारा वसूले जा रहे चार्जेज से परेशान हैं और दूसरे बैंकों की तरफ अपना ध्यान लगा रहे हैं।