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कश्मीर में फिर लगे ‘भारत विरोधी’ नारे… 'भारतीय लोकतंत्र मुर्दाबाद'...अब नहीं बख्शेंगे मोदी !

Apr 11 2017 7:39PM, Writer:मीत

जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से बवाल मचा है। इस बार ये बवाल काटा है कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने। इन कार्यकर्ताओं ने अनंतनाग में डीसी ऑफिस का घेराव किया और इसके बाद जो हुआ वो सभी को हैरान कर देने वाला था। इस बवाल के बीच में भारतीय लोकतंत्र मुर्दाबाद के नारे लगाए गए हैं। जम्मू और कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट पर 12 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव को रद्द कर दिया गया। ये चुनाव रद्द होने के बाद नैशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने जबरदस्त बवाल काटा। कार्यकर्ताओं ने पहले डीसी ऑफिस का घेराव किया और इसके बाद 'भारतीय लोकतंत्र मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने ऑफिस का घेराव कर जमकर बवाल काटा है। हंगामा करने वाले नेताओं का कहना है कि चुनाव अपने तय वक्त पर ही होना चाहिए। हंगामा करने वालों ने किसी भी नहीं सुनी और बवाल बरपाते रहे।

हैरानी की बात तो तब हुई कि जब भारत की सरजमीं पर भारतीय लोकतंत्र मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। इससे पहले सोमवार को जम्मू- कश्मीर के मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक बड़ी बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सभी पार्टियों के नेताओं को शामिल किया गया था। इस बैठक में चुनाव को स्थगित करने पर चर्चा की गई थी, जिसमें लगभग सभी ने हामी भरी थी। इस बैठक में बीजेपी, पीडीपी, कांग्रेस और नैशनल कॉन्फ्रेंस के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा पीडीपी के ही नेता वहीद-उर-रहमान ने चुनावों को स्थगित करने पर सहमित जताई थी। इसके साथ ही वहीद ने कहा था कि जहां चुनाव अधिकारी जरूरी समझें वहां फिर से चुनाव कराए जा सकते हैं। इसके बाद नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अकबर लोन और कांग्रेस के उस्मान माजिद ने इस पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि चुनाव स्थगित करने का सवाल ही खड़ा नहीं होता।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव को टालने की बात कही थी। सत्ताधारी पार्टी पीडीपी ने निर्वाचन आयोग से इस उपचुनाव को स्थगित करने की मांग की थी और कहा था कि ये जल्द ही स्थगित हो। गृह मंत्रालय के बड़े अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय की ओर से चुनाव आयोग को पहले ही सलाह दी गई थी कि घाटी में चुनाव के लिए उचित माहौल नहीं है। आपको ये भी बता दें कि अनंतनाग में अब 25 मई को मतदान होगा। इससे पहले ऐसी भी खबरें आई थीं कि जम्मू-कश्मीर में 2 सीट पर उपचुनाव की तारीख को लेकर गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग के बीच मतभेद थे। खैर अब जो कश्मीर में हुआ है वो सच में हैरान कतर देने वाला है। कांग्रेस और नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने एक बार फिर से घाटी की आबोहवा को बिगाड़ने का काम किया है और शांति भंग करने का काम किया है।


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