उत्तराखंड में 4 लाख नई नौकरियां…एक्शन में सीएम त्रिवेंद्र…अब रुकेगा पलायन !
Apr 14 2017 9:20AM, Writer:मीत
हर उत्तराखंडी के लिए हम आज की सबसे बड़ी खबर लेकर आए हैं। बार बार कहा जाता है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के ही काम नहीं आती। लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि सीएम त्रिवेंद्र इन सब बातों को अब धता बता देंगे। कहा जा रहा है कि उत्तराखंड में अगले कुछ सालों में नौकरी की बहार आने वाली है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में अगले चार साल में चार लाख श्रमिकों की जरूरत होगी।एसोचैम और थॉट ऑर्बिट्रेज रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी टारी के सर्वे में ये बात सामने आई है। एसोचैम ने राज्य के उद्योगों में कुशल श्रमिकों की कमी बताई है। इसके बारे में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को एक सर्वे की रिपोर्ट दी गई है। इसके साथ ही सीएम को सुझाव दिया गया है कि इस कमी को दूर करने के लिए प्रदेश में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने चाहिए।
द एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया यानी एसोचैम के अध्यक्ष संदीप जजोदिया, महासचिव डीएस रावत और टारी की निदेशक क्षमा वी कौशिक ने देहरादून के सुभाष रोड के एक होटल में पत्रकार वार्ता की। इसमें राज्य सरकार के लिए तैयार अध्ययन रिपोर्ट को संयुक्त रूप से जारी किया गया। सीएम त्रिवेंद्र रावत को भी ये रिसर्च रिपोर्ट सौंपी गई। इसमें कहा गया है कि साल 2017 से 2022 के बीच उत्तराखंड में रोजगार के करीब 20 लाख 6 हजार मौके पैदा होंगे। इसके अलावा श्रमशक्ति में 25 लाख 30 हजार लोग और जुड़ेंगे। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कुशल श्रमशक्ति तैयार करने के लिए कृषि प्रबंधन और वर्षा जल संचयन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही रिपोर्ट में अलग अलग स्थानों पर कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाने पर जोर दिया गया है।
इसके साथ ही इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ऋषिकेश में खाद्य प्रसंस्करण, अल्मोड़ा में हथकरघा और उत्तरकाशी में पर्यटन के क्षेत्र में क्षमता विकास केंद्र बनाए जाने की जरूरत है। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अध्ययन सुझावों के मुताबिक अलग अलग जिलों में तमाम स्तरों पर कुशल कामगारों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। कुल मिलाकर कहें तो आने वाले वक्त में उत्तराखंड में आने वाले वक्त में नौकरियों की बहार आने वाली है। इससे कहा जा सकता है कि आने वाले वक्त में पहाड़ की जवानी पहाड़ के ही काम आने वाली है। लगता तो ये भी है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार उत्तराखंड के युवाओं का भविष्य सुधारने के लिए भई लगातार काम कर रही है।