केदारनाथ जाएंगे, तो सब कुछ बदला हुआ पाएंगे...ऐसे तैयार होगा उत्तराखंड का स्वर्ग !
Apr 14 2017 10:05AM, Writer:मीत
इस बार आप केदारनाथ की यात्रा पर जाएंगे तो आपको यात्रा का अलग ही अहसास मिलगा। जी हां इस बार यात्रियों की सुविधा का हर ध्यान रखने के लिए केदारनाथ के रास्ते को पहले से ही तैयार किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि यहां बड़े बड़े हिमखंडों को काटकर रास्ता तैयार हो रहा है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर हिमखंडों को काटकर रास्ता बनाया जाएगा। ज्यादा बर्फबारी की वजह से इस बार 6 जगहों पर केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित है। इन जगहों पर दस से पंद्रह फीट बर्फ काटकर पैदल मार्ग पर आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। ये कार्य नेहरू पर्वतारोहण संस्थान यानी NIM करेगा। आने वाली तीन मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। जिला प्रशासन ने रामबाड़ा से केदारनाथ तक आठ किलोमीटर पैदल मार्ग को तैयार करने की जिम्मेदारी NIM को सौंपी है।
ऐसा इसलिए क्योंकि इस पर आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। वहीं, गौरीकुंड से रामबाड़ा तक पैदल मार्ग पर आवाजाही सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की लोक निर्माण विभाग शाखा की है। इसके साथ ही टूटी सुरक्षा रेलिंग और खतरनाक स्लाइडिंग जोन को भी दुरुस्त किया जाना है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली से पास पहाड़ी से आए दो हिमखंडों को काटकर रास्ता बनाया जाना है, वहीं छानी कैंप में भी रास्ता खोलने के लिए दो हिमखंड काटे जाने हैं। इसके अलावा छानी कैंप और लिनचोली के पास भी दो हिमखंड काटे जाएंगे। ये सभी हिमखंड दस से पंद्रह फीट ऊंचे बताए जा रहे हैं। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के केदारनाथ प्रभारी कैप्टन केएस बिष्ट का कहना है कि 20 अप्रैल तक हिमखंडों को काटकर पैदल मार्ग तैयार कर दिया जाएगा। इसके अलावा गौरीकुंड से रामबाड़ा तक पैदल मार्ग पर आवाजाही की जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की लोक निर्माण विभाग शाखा की है।
प्राधिकरण के इंजीनियर्स का कहना है कि इस मार्ग पर कई स्थानों में पहाड़ी से पत्थर गिरे हुए हैं। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर मार्ग के पुश्ते टूटे हुए हैं। इन सभी स्थानों पर पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है। 20 अप्रैल से पूर्व सभी कामों के पूरे होने की उम्मीद है। इस बार बर्फबारी ज्यादा होने की वजह से तीर्थ पुरोहितों के निर्माणाधीन भवनों में टाइल्स नहीं बिछाईं जा सकी थी। NIM के प्रभारी कैप्टन केएस बिष्ट ने बताया कि भवनों में इन दिनों टाइल्स बिछाने का कार्य चल रहा है। यात्रा सीजन के आखिर तक सभी भवन तैयार हो जाएंगे। इसके अलावा रुद्रप्रयाग की जिलाधिकारी रंजना का कहना है कि यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सभी एजेंसियों को कार्य पूरा करने का वक्त दिया जा चुका है। 15 अप्रैल को वो खुद पैदल मार्ग पर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।