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त्रिवेंद्र के तेवर...हरीश रावत पर सबसे बड़ा वार...रोक दिए 100 करोड़ के टेंडर !

Apr 15 2017 4:41PM, Writer:मीत

उत्तराखंड सरकार ने पिछली हरीश रावत सरकार पर अब तक का सबेस बड़ा वार किया है। राज्य सरकार ने टिहरी झील विकास से जुडे़ करीब सौ करोड़ के टेंडर पर रोक लगा दी है। ये सारे टेंडर पर्यटन विभाग से जुडे़ हैं। टिहरी झील विकास से जुडे़ विभिन्न कामों के संचालन के लिए ये टेंडर कराए जाने थे। इनमें से ज्यादातर को पीपीपी मोड पर कराए जाने का फैसला पिछली सरकार ने किया था। राज्य सरकार अब जल्द ही तय करेगी कि ये सारे कार्य किस तरह से कराए जाएं और उसकी प्रक्रिया क्या होगी। सरकार ने साफ किया है कि पारदर्शी ढंग से टूरिज्म डेवलपमेंट का काम सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठाया गया है। टिहरी झील क्षेत्र के विकास के लिए पिछली सरकार ने जोर-शोर से काम किया था। पर्यटन मंत्री रहते हुए टिहरी के स्थानीय विधायक दिनेश धनै ने भी इस मामले में तेजी दिखाई थी।

टिहरी झील क्षेत्र में कई योजनाओं पर काम पूरा भी हुआ, लेकिन चहेतों को फायदा पहुंचाने की शिकायतें भी हुईं। इन स्थितियों के बीच, योजनाओं के नाम पर निर्माण कार्य तो पूरे हुए, लेकिन उनका काम अटका रहा। अलग अलग योजनाओं को पीपीपी मोड पर देने के लिए पिछली सरकार ने टेंडर कराए थे, लेकिन पूरी प्रक्रिया में कुछ कमी रह गई। नई सरकार बनने के बाद इन योजनाओं पर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इन पर रोक लगा दी गई है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस बात की पुष्टि की है। टिहरी झील क्षेत्र में पर्यटन विभाग ने दस फ्लोटिंग हट्स बनाए हैं, जिनके करीब 17 करोड़ के टेंडर होने थे। दस फ्लोटिंग हट्स और बनाई जानी है। मरीना बोट के संबंध में भी टेंडर किए जाने थे। साहसिक खेल अकादमी टिहरी झील क्षेत्र में स्थापित कर दी गई है। इसे पीपीपी मोड पर चलाने का पिछली सरकार का फैसला था।

अब नए सिरे से इस पर फैसला होना है। इसी तरह, पर्यटन विभाग का एक होटल तैयार है, इसके संचालन की व्यवस्था तय होनी है। पर्यटन विभाग ने ईको हट्स भी बनाई हैं, जिनके संचालन की जिम्मेदारी तय की जानी है। इन सारे कार्यों के लिए करीब सौ करोड़ के टेंडर कराए जाने थे। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि कई योजनाओं के संचालन के लिए टेंडर पर रोक लगाई गई है। जल्द ही तय कर लिया जाएगा कि योजनाओं का संचालन किस तरह से किया जाएगा। सरकार चाहती है कि प्रतिष्ठित ग्रुप संचालन के काम के साथ जुडे़। जबकि पूर्व पर्यटन मंत्री दिनेश धनै का कहना है कि उन्होंने टिहरी झील विकास के लिए असाधारण कार्य किए। नई सरकार क्या सोच रही है, वो ही बता सकती है। कुल मिलाकर कहें तो त्रिवेंद्र सरकार ने पिछली सरकार के फैसले पर अब तक का सबसे बड़ा वार किया है। माना जा रहा है कि अब नए सिरे से इन सभी कामों को देखा जाएगा।


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