देवभूमि में उठी हुंकार...योगी आदित्यनाथ तैयार...प्रयाग में निकलेगा राम मंदिर का रास्ता !
Apr 15 2017 5:51PM, Writer:मीत
उत्तर प्रदेश में तो काफी वक्त से राम मंदिर की मांग जोर पकड़ रही है। लेकिन अब उत्तराखंड में भी योगियों ने हुंकार भर दी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में अब देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और राम मंदिर हमेशा से ही इनके विजन में भी शामिल रहा है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी तक इस बात की सूचना पहुंचाई गई है। कहा जा रहा है कि योगी ने मन ही मन देवभूमि के साधुओं, योगियों और सन्यासियों को प्रणाम किया है। आपको बता दें कि योगी खुद उत्तराखंड के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश में मिले प्रचंड बहुमत के बाद से उन्हें यूपी की कमान सौंपी गई है। इसके बाद से कहा जा रहा है कि राम मंदिर के मामले को और हवा मिल गई है।
इससे पहले कोर्ट भी कह चुकी है राम मंदिर के विवाद को आपस में ही सुलझाया जाए और तब ही कोर्ट कोई बड़ा फैसला सुनाएगी। इस बीच हरिद्वार के महाराज जयराम आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि भाजपा अब ये कह कर बचने की कोशिश ना करें कि राम मंदिर का निर्माण अभी नहीं कराया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर बीजेपी को अपनी नीति स्पष्ट करनी होगी। महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि अखाड़ा परिषद 30 अप्रैल को महाकुंभ के दौरान इलाहाबाद में बैठक करेगी। इस बैठक में राम मंदिर निर्माण और स्वयंभू शंकराचार्य के बहिष्कार पर चर्चा की जाएगी। माना तो ये भी जा रहा है कि इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए योगी आदित्यनाथ खुद आ सकते हैं। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इसके अलावा महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने उत्तराखंड में शराब के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य देवभूमि है। पूरे उत्तराखंड में धार्मिक गतिविधियां आए दिन होती रहती हैं। इसलिए इस प्रदेश में शराब का प्रचलन बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी अगर इस भावना को मानती है तो शराब की बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोकनो का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि इस पर संत समाज भी भाजपा के शराबबंदी का समर्थन करेगा। कुल मिलाकर अब देवभूमि से भी राम मंदिर की मांग जोर पकड़ने लगी है। देखना ये है कि 30 अप्रैल को होने वाली धर्म संसद में क्या फैसला लिया जाता है। इसके साथ ही ये भी देखना होगा कि आने वाले वक्त में योगी राम मंदिर को लेकर क्या बड़ा कदम उठाते हैं। खैर 30 अप्रैल में अब ज्यादा वक्त नहीं रह गया है। ऐसे में इस खबर को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती ही जा रही है।