उत्तराखंड की एक ‘मां’ इंसाफ मांग रही है…ये कहानी आपको रोने पर मजबूर कर देगी !
Apr 15 2017 8:27PM, Writer:मीत
उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। जहां देवी-देवताओं को पूजा जाता है, उन्हें आराध्य माना जाता है। लेकिन इसी उत्तराखंड में एक मां जार जार रोने के लिए मजबूर हो गई है। वो दर-दर भटक रही है और इंसाफ मांग रही है। ये कहानी हल्द्वानी की है। हल्द्वानी के रामनगर में सुसराल वालों परेशान होकर महिला की खुदकुशी करने की कोशिश का मामला सामने आया है। महिला को गंभीर हालत में सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। महिला के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल वाले उसे दहेज के लिए पिछले लंबे वक्त से परेशान और उसके साथ मारपीट करते थे। जिससे परेशान होकर महिला ने खुदकुशी की कोशिश की। पीड़ित महिला की शादी करीब 4 साल पहले अमित जोशी के साथ हुई थी, महिला के परिजनों के आरोप है कि तनुजा को शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज़ के लिए परेशान करने लगे थे।
यहीं नहीं उन्होंने तनुजा के साथ मारपीट भी की। जिससे तंग आकर ससुराल वालों के दबाब में अपनी जान देने का प्रयास किया। पीड़ित महिला रामनगर की रहने वाली है, तनुजा एक बच्चे की मां है। पीड़ित अभी भी गर्भवती थी, लेकिन ससुराल वालों ने जबरदस्ती उसका एबॉर्शन करवा दिया, परिजनों के मुताबिक उन्होंने पुलिस में भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। इन सब के बीच महिला ने अपनी जान देने के प्रयास किया जहां वह ज़िन्दगी ओर मौत के बीच जूझ रही है। इस मामले में अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए महिला आयोग की उपाध्यक्ष अमिता लोहनी ने पीड़ित महिला और उसके परिजनों से मुलाकात की, यहीं नहीं अमिता लोहनी ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि पूरे मामले में जल्द कार्रवाई की जाए।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि मामले को दबाने का काम पुलिस प्रशासन कर रहा है और वो अधिकारियों से इस बारे में बात कर रही हैं, अमित लोहनी के मुताबिक़ मामला गंभीर है और आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। सवाल ये है कि आखिर क्यों उत्तराखंड में अब इस तरह के मामले सामने आने लगे हैं। क्या सच में देवभूमि में नारी इतनी कमजोर हो गई है कि आंसू बहाने के अलावा उसे कोई रास्ता नजर नहीं आता। अगर ऐसा है कि तो शर्म आनी चाहिए समाज के ऐसे लोगों को जो समाज के ठेकेदार बनकर कानून पर अपना राज समझते हैं। राज्य समीक्षा की पहल है कि इस महिला को जल्द से जल्द इंसाफ दिया मिले। क्यों मां है तो हम हैं, हमारी देवभूमि है। हां इतना जरूर याद रखिए कि अगर आपके बगल वाले घर में गुंडाराज चल रहा है और आप चुप हैं तो हो सकता है अगल नंबर आपका ही हो।