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Video: जब दुबई में बजा ‘बोल चिट्ठी किले नी भेजी’..फिर इस पहाड़ी ने गदर ही ढा दिया…

Apr 19 2017 12:28PM, Writer:मीत

(वीडियो देखने के लिए नीचे स्क्रॉल करें ) पंकज सती...नाम छोटा सा है, लेकिन इरादे शायद उससे भी बड़े। अपने उत्तराखंड के संगीत को आसमान पर पहुंचाने के इरादे, अपने पहाड़ की संस्कृति को और बेहतरीन बनाने के इरादे। और ये बात हर कोई जानता है कि अगर आपके दिल में इरादे हों, तो मंजिलें ज्यादा दूर नहीं होती। पंकज के पिता कभी सेना में थे, आज वो इस दुनिया में नहीं हैं। पंकज की मां, जो कि पूरा घर संभालती थी, आज वो भी इस दुनिया में नहीं हैं। पंकज के बड़े भाई भी देश की रक्षा की खातिर सेना को अपनी सेवाएं दे रहे हैंं। लेकिन पंकज कुछ अलग ही कर रहे हैं। उन्हें तो अपनी आवाज से जमाने को दीवाना बनाना है। कहते हैं कि आज़ाद परिंदों को हवा भी नहीं बांध सकती और इस पहाड़ी लड़के ने कुछ ऐसा ही किया है। उत्तराखंड के चमोली जिले के सिमली गांव से नाता है पंकज का। कौन सोच सकता है कि एक छोटे से गांव का लड़का विदेशों में जाकर अपनी मातृभूमि का मान बढ़ाएगा। आवाज में तो इनकी ऐसा जादू है कि कोई पहली बार सुन ले तो बार बार सुनने के लिए दिल बोलेगा…’वन्स मोर’।

राज्य समीक्षा ने पंकज से खास बातचीत है। इस बातचीत में पंकज का खुले लफ्जों में कहना है कि आने वाला वक्त हर हाल में उत्तराखंड के युवा सिंगर्स का होगा। जाहिर है जब आवाज, अंदाज और अल्फाज की तिकड़ी जम जाए तो अंजाम अलहदा होता है। कुछ अलग...बेहद अलग होता है। इस पहाड़ी तानसेन के सिर पर तो मानो अपनी संस्कृति की धुन सवार है। पंकज हर बार कुछ नया, कुछ अलग, कुछ हटके पेश करना चाहते हैं। सुर और संगीत की भूख पंकज में साफ दिखती है। हर बात को डंके की चोट पर कहने वाले पंकज ने राज्य समीक्षा से खास बातचीत में कहा है कि उन्हें बॉलीवुड की इंडस्ट्री से भी कई बुलावे आए, लेकिन मन तो पहाड़ों में जा बसा था। पंकज ने बताया है कि वो बहुत कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जिससे उत्तराखंडियों को गर्व हो। इसका सबूत ये वीडियो भी है, जो हम आपको दिखाने जा रहे हैं। पंकज ने राज्य समीक्षा को बताया कि साल 2015 में उन्हें दुबई से बुलावा आया था। पंकज ने वहां बोल चिट्ठी गाना गाया था। हैरानी की बात तो ये है कि इस वीडियो को शूट भी पंकज ने ही किया है।

यानी सिर्फ संगीत ही नहीं हर क्षेत्र में इस खिलाड़ी को महारथ हासिल है। ये वीडियो ऐसे वायरल हुआ जैसे जंगल की आग। पंकज कहते हैं कि उत्तराखंड की संंस्कृति सबसे अलग है। राज्य समीक्षा का मानना है कि ऐसे सिंगर्स को ही यूथ आइकॉन का अवॉर्ड मिलना चाहिए। हाल ही में पंकज ने ‘ओ रे’ पहाड़ी गाना गाया है। इस गाने को सुनकर भी आप पंकज के फैन हो जाएंगे। इसके अलावा पंकज ने अपना यू-ट्यूब चैनल भी बनाया है, जिसका नाम है न्यू एज पहाड़ी। इस यू-ट्यूब चैनल को भी शानदार व्यूअरशिप मिल रही है। उत्तराखंड की सरजमी को बार बार सजदा करने वाले पंकज ने राज्य समीक्षा से कहा कि अभी वो बहुत कुछ अपने पिटारे से निकालकर अपने गढ़देस के लिए प्रस्तुत करेंगे। पंकज के लिए तो बस ये ही शब्द दिल से निकलते है। रास्ते हैं तो मंजिलें हैं, मंजिलें हैं तो हौसला है, हौसला है तो विश्वास है और विश्वास है तो जीत है । क्योंकि पंकज हमेशा जीतता है।


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