उत्तराखंड का लाल सीमा पर शहीद...बहन के हाथों की मेंहदी सूखी भी नहीं थी और...
Apr 19 2017 8:38PM, Writer:मीत
उत्तराखंड देवभूमि है। इसके अलावा यहां ऐसे ऐसे लाल हैं, जो देश की रक्षा की खातिर अपनी जान गंवा बैठे। सोमवार की रात थी और देश की सीमा पर आतंकियों ने धावा बोल दिया। पाकिस्तान कभी भी हरकतों से बाज नहीं आता है ये बात भारतीय सेना अच्छी तरह से जानती है। कश्मीर में मेंढर के बालनोई सेक्टर में सीमा पार से गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में उत्तराखंड का लाल मनमोहन बुधानी शहीद हो गया। उत्तराखंड के कोटाबाग के ग्राम आंवलाकोट निवासी खीमानंद बुधानी का 23 वर्षीय पुत्र मनमोहन बुधानी दो साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे। वो 20 कुमाऊं रेजीमेंट के सैनिक थे। इसके बाद से घर और गांव में सन्नाटा पसरा है। मनमोहन अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था और उनके पिता खीमानंद बुधानी गंगोलीहाट में ग्राम विकास अधिकारी हैं। शहीद मनमोहन के तीन चचेरे भाई भी सेना में हैं।
नैनीताल जिले के आंवलाकोट निवासी मनमोहन बुधानी की शहादत पर विकासखंड सभागार में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी ब्लॉक कर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मनमोहन अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था । शहीद मनमोहन के तीन चचेरे भाई भी सेना में हैं। हम सभी देशवासी शहीद को सलामी देते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। दरअसल सोमवार को पाकिस्तान नौशहरा के लाम सेक्टर में एलओसी पर गोलीबारी की। भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब भी दिया। पाकिस्तान बार बार सीमा पर आतंकी भेजता है और भारतीय सेना हर बार उसका मुंहतोड़ जवाब देती है। देश की रक्षा की खातिर जवान हर पल सीमा पर तैनात रहते हैं। शहीद मनमोहन बुधानी की चचेरी बहन का इसी महीने 24 तारीख को विवाह होना था। परिवार इन दिनों तैयारियों में जुटा था, लेकिन मनमोहन के शहीद होने की खबर ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया।
कोटाबाग के पतलिया गांव निवासी धीरेंद्र साह ने भी 13 फरवरी को कश्मीर क्षेत्र में तैनाती के दौरान देश पर जान न्यौछावर कर दी थी। दो महीने के अंतराल में कोटाबाग क्षेत्र के दो जवानों ने देश पर कुर्बान होकर कोटाबाग का मान बढ़ाया है। आजादी की लड़ाई में भी कोटाबाग के दर्जन भर लोगों ने हिस्सा लिया था। कोटाबाग को सेनानी बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। अब सेना में भर्ती होकर कोटाबाग के युवा देश की सीमा पर कुर्बान होकर देश भक्ति की मिसाल बन रहे हैं। वहीं इससे पहले जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में भी आतंकियों ने फायरिंग की थी। वहीं भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान को इसका मुंह तोड़ जवाब देते हुए उसकी पांच चौकियां तबाह कर दी। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के आठ सैनिकों को मार गिराया। इस बारे में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मनीष मेहता ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास हमारी चौकियों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है।