Video: ये है नरेंद्र सिंह नेगी की वो कालजयी रचना...जिसे सुनकर रो पड़ते हैं पलायन करने वाले !
Apr 21 2017 6:06PM, Writer:मीत
उत्तराखण्ड के मशहूर लोक गीतकारों में से एक नाम है नरेंद्र सिंह नेगी। कहा जाता है कि अगर आप उत्तराखण्ड और वहां के लोग, समाज, जीवनशैली, संस्कृति, राजनीति के बारे में जानना चाहते हैं तो, आप या तो किसी महान-विद्वान की पुस्तक पढ़ लीजिए या फिर नरेन्द्र सिंह नेगी जी के गीत सुन लो। नेगी जी की संस्था उत्तराखण्ड कलाकारो के लिए एक लोकप्रिय संस्थाओं मे से एक है। नेगी जी सिर्फ एक मनोरंजनकार ही नहीं बल्कि एक कलाकार, संगीतकार और कवि हैं, जो अपने परिवेश को लेकर काफी भावुक और संवेदनशील हैं। नेगी जी का जन्म 12 अगस्त 1949 को पौड़ी में हुआ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पौड़ी से की थी और अब तक वे दुनिया भर के कई बडे बडे देशों मे जाकर गीत गा चुके हैं। उत्तराखण्ड के इस मशहूर गायक के गानों मे मात्रा के बजाय गुणवत्ता होती है। इस वजह से लोग उनके गानों को बहुत पसंद करते हैं।
वक्त के साथ-साथ उत्तराखंड की इंडस्ट्री में कई बड़े गायक भी शामिल हुए। लेकिन नए गायकों की नई आवाज के होते हुए भी पूरा उत्तराखण्ड नेगी जी के गानों को वही प्यार और सम्मान के साथ आज भी सुनता है। नेगी जी के गानों में अहम बात है उनके गानों के बोल और उत्तराखण्ड के लोगों के प्रति भावनाओं की गहरी धारा। उन्होंने अपने गीतों के बोल और आवाज के माध्यम से उत्तराखण्डी लोगों के सभी दुख-दर्द, खुशी, जीवन के पहलुओं को दर्शाया है। किसी भी लोकगीत की भावनाओं और मान-सम्मान को बिना ठेस पहुँचाते हुए उन्होंने हर तरह के उत्तराखण्डी लोक गीत गाएँ हैं। जो वीडियो हम आपको दिखा रहे हैं, उसे यू-ट्यूब पर साढ़े सात लाख से ज्यादा हिट्स मिल चुके हैं। इस गाने के बोल हैं ‘म्योरा डांड्यू काठ्यूं का मुलुक जेलू...बसंत ऋतु मां एई’। उत्तराखण्ड को अपने लोकगीत संग्रह में नेगी जी के हर एक हिट गानों के साथ साथ बहुत सारे समर्थक भी संग्रह करने के लिए मिले हैं।
उनके प्रभावशाली गीतों के लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। नेगी जी केवल वास्तविकता में विश्वास रखते हैं। इसीलिए उनके सभी गाने वास्तविकता पर आधारित होते हैं और इसी कारण नेगी जी उत्तराखण्ड के लोगों के दिल के बहुत करीब है। गढवाली गायक होने के बावजूद नेगी जी को कुमाऊंनी लोग भी उन्हें बहुत पसंद करते हैं। कहा जाता है कि नेगी जी "गुलजार साहब" के काम को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि गुलजार की पुराने और नई रचनाओं में एक गहरा अर्थ होता है। गाना गाने के साथ ही नेगी जी लिखते भी हैं। कुल मिलाकर कहें तो ये वो वीडियो है, जिसे आप बार बार सुनना चाहेंगे। पहाड़ों की याद में बनाए गए इस गाने को सोशल मीडिया पर खूब प्रचारित किया जाता है। माना जाता है कि पहाड़ का कोई भी बाशिंदा कहीं भी रहता हो, इस गाने सुनकर पहाड़ की यादों में आंसू जरूर बहाता है। राज्य समीक्षा का पहाड़ के इस कालयजी सिंगर को सलाम।