Video: पहाड़ी ‘भेजी’ का ये ‘धाकड़’ डांस देखिए...ढोल, दमाऊं की धुन बजी तो छा गई मस्ती !
Apr 23 2017 11:11AM, Writer:मीत
पहाड़ियों का अंदाज अलग होता है, हर बात अलग होती है। इसलिए पहाड़ियों को पूरी दुनिया में सबसे मस्त मौला कहा जाता है। हम आपको पहाड़ी लोगों से जुड़े वीडियो भी लगातार दिखाते रहते हैं। इसी कड़ी में हम आपको आज पहाड़ी की कुछ यादों की तरफ ले चलते हैं। आप अगर पहाड़ी हैं तो ये वीडियो मिस नहीं कर सकते। आपको याद तो होगा ही कि पहाड़ की शादियां कितनी शानदार होती हैं। ढोल और दमाऊं की धुन के बिना पहाड़ की शादी तो अधूरी ही मानी जाती है। ढोल दमाऊं के आगे पहाड़ में शादी की कल्पना भी नहीं कर सकते। जब ढोल और दमाऊं की बीट बजती है तो डीजे की बीट कहीं पीछे छूट जाती है। अक्सर आपने शादियों में देखा भी होगा कि पहाड़ी लोग डीजे छोड़कर ढोल दमाऊं की धुन पर नाचना शुरू कर देते हैं।
आज हम आपको जो वीडियो दिखा रहे हैं, वो वीडियो भी बड़ा मजेदार है। पहाड़ में बड़े भाई को भेजी जी कहा जाता है। ऐसे ही एक भेजी जी ढोल और दमाऊं की धुन पर बड़े मस्त होकर नाच रहे हैं। ये डांस देखकर लगता है कि पहाड़ी लोग परेशानियों को कहीं पीछे छोड़कर किस तरह से मस्त हो जाते हैं। पहाड़ियों की इसी अदा का पूरा जमाना कायल है। भेजी जी का ये डांस बेहद शानदार है। एक तरफ ढोल और दमाऊं की धुन और दूसरी तरफ भेजी का ये डांस आपको पहाड़ों की तरफ ले चलेगा। इस डांस को देखकर ये भी लगता है कि किस तरह से पहाड़ों में खुश रहने के लिए छोटे छोटे तरीके भी निकाले जाते है। किसी ने सच ही कहा है कि अगर खुश रहना है तो पहाड़ियों जैसा रहो, जो हर गम को पीछे छोड़कर अपनी ही धुन में मस्त रहते हैं और खुश रहते हैं। ऐसा ही ये वीडियो भी संदेश दे रहा है।
पहले ढोल और दमाऊं की थाप बजती है। धीरे धीरे भेजी के कदंम थिरकने लगते हैं। ढोल और दमाऊं की बीट लगातार बढ़तीजाती है तो भेजी के पैर भी जोश में थिरकने लगते हैं। फिर क्या था ? एक तरफ ढोल दमाऊं और दूसरी तरफ भेजी का का खूबसूरत डांस। जिंदगी को खूबसूरत बनाने के लिए और क्या चाहिए। ये उन पहाड़ी युवाओं के लिए एक सीख भी है, जो पलायन कर कहीं दूर देश में चले गए हैं। पलायन करने वालों के लिए हमारा ये ही संदेश है कि अपने पहाड़ की इन यादों को अपने दिल में संजो कर रखिए, वक्त पड़ने पर ये यादें ही आपको हंसाती हैं, रुलाती हैं। इन यादों के बिना एक पहाड़ी की जिंदगी शायद कुछ भी नहीं। सच में गजब है पहाड़ और गजब हैं यहां के लोग, जिन्हें खुशी नहीं चाहिए। खुशी को पहाड़ी चाहिए। पहाड़ी बौड़ा के लिए एक शेयर तो जरूर बनता है।