केदारनाथ जाने से पहले ये खबर पढ़ लें…अब ये किया तो होगी जेल...मोदी की वॉर्निंग !
Apr 26 2017 7:05PM, Writer:मीत
अगर आप केदारनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे हैं तो उससे पहले इस खबर को जरूर पढ़ लीजिए। सरकार अब केदारनाथ धाम की स्वच्छता को बनाए रखना चाहती है। केदारनाथ धाम में पॉलीथिन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा यात्री पानी की बोतलें, चिप्स, बिस्किट और बाकी की खाद्य सामग्री के पैकेट अपने साथ तो ले जाएंगे। लेकिन खाली बोतलें और पैकेट कूड़ेदान में ही डालने होंगे। इसके लिए दो-दो सौ मीटर के फासले पर कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं। इसकी बाकायदा निगरानी भी की जाएगी। उल्लंघन करने पर यात्रियों से पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। अगर आपने फिर से नियमों का उल्लंघन किया तो आप सलाखों के पीछे भी जा सकते हैं। प्रशासन बाहर के राज्यों से आने वाले यात्रियों को भी केदारनाथ धाम में स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करेगा। इस बार केदार के कपाट खुलने के समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वहां मौजूद रहेंगे।
आपको यहां ये बता दें कि मोदी सरकार ने साल 2019 तक भारत को स्वच्छ बनाने का जो संकल्प लिया है। उसका असर इस बार समुद्रतल से 11500 फीट की ऊंचाई पर मौजूद केदारनाथ धाम में भी दिखाई देगा। इसके लिए प्रशासन ने रणनीति तैयार करना भी शुरू कर दिया है। देश-दुनिया से केदारनाथ आने वाले श्रद्धालु मंदिर समेत 16 किमी लंबे पैदल मार्ग पर बड़ी संख्या में खाली बोतलें, नमकीन-बिस्किट के खाली पैकेट के अलावा प्लास्टिक और पॉलीथीन की सामाग्री जहां-तहां फेंक देते हैं। इससे पैदल मार्ग समेत केदारपुरी में गंदगी का अंबार लग जाता है। जिलाधिकारी रंजना का कहना है कि यात्रियों को जागरूक करने के लिए जिला पंचायत, पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रीपेड काउंटर तैनात कर रही हैं। ये प्रीपेड काउंटर सोनप्रयाग, गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली, बड़ी लिनचोली और केदारनाथ समेत मुख्य कस्बों में तैनात किए जाएंगे।
प्रीपेड काउंटर में टीमें मौजूद रहेंगी। ये टीमें यात्रियों को नए नियमों की जानकारी देंगी। इसके अलावा पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की लीद को तत्काल साफ किया जाएगा। ताकि पैदल मार्ग पर कोई गंदगी ना रहे। गौरीकुंड में सफाई व्यवस्था का जिम्मा जिला पंचायत के पास रहेगा और केदारपुरी में ये काम केदारनाथ नगर पंचायत देखेगी। साथ ही जिलाधिकारी का कहना है कि कूड़े को एक स्थान पर जमा कर रिसाइकिलिंग के लिए गौरीकुंड लाया जाएगा। स्वच्छता संबंधी सभी कार्यों की मॉनीटरिंग स्वयं जिलाधिकारी करेंगी। कुल मिलाकर कहें तो अब केदारनाथ यात्रियों को स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखना होगा। अगर गंदगी की तो कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार इसके लिए तमाम तरह की गाइडलाइन तैयार कर चुकी है। अब देखना ये है कि केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले यात्री सरकार की गाइडलाइंस का ध्यान रखेंगे या नहीं। आपको बता दें कि मई में केदारनाथ धाम के पट खुलने वाले हैं।