उत्तराखंड: प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी महिला, डॉक्टर बोले- कल आना..चौराहे पर जन्मा बच्चा
महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, लेकिन अस्पतालकर्मियों ने उसे भर्ती नहीं किया। जब स्वजन महिला को टेंपो में घर ले जाने लगे तो रास्ते में ही प्रसव हो गया।
Aug 31 2022 3:59PM, Writer:कोमल नेगी
सुरक्षित प्रसव हर महिला का अधिकार है, लेकिन उत्तराखंड में ये बात बेमानी सी लगती है। यहां आज भी महिलाएं खेतों और सड़कों पर बच्चों को जन्म देने को मजबूर हैं। अगर कोई महिला अस्पताल पहुंच भी जाती है तो भी इलाज मिलेगा ही, इसकी कोई गारंटी नहीं।
woman delivery on the road in haldwani
इस बार मामला हल्द्वानी का है। यहां गर्भवती को महिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। डॉक्टरों ने उसे कहा कि एक-दो दिन बाद आना। घर वापस लौटते वक्त महिला ने चौराहे में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसे लेकर स्वजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार की रात गफूर बस्ती की रहने वाली महिला को लेकर उनके पति व अन्य स्वजन महिला अस्पताल पहुंचे। महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, लेकिन अस्पतालकर्मियों ने उसे भर्ती नहीं किया।
जब स्वजन महिला को टेंपों में घर ले जाने लगे तो रास्ते में ही प्रसव हो गया। महिला के पति का आरोप है कि अस्पताल वाले प्रसूता को एक-दो दिन बाद लाने के लिए कह रहे थे। घर वापस लौटते वक्त छतरी चौराहा पर पहुंचते ही प्रसव हो गया। इससे बच्चे को चोट भी आ गई। वहीं मामले को लेकर सीएमएस ऊषा जंगपानी ने कहा कि मेरे संज्ञान में जब यह मामला आया तो स्टाफ से पूछा गया। मुझे बताया गया कि गर्भवती की जांच की गई थी। उस समय तत्काल प्रसव की स्थिति नहीं दिख रही थी। महिला को घर जाने के लिए नहीं कहा गया था, न ही उसे रेफर किया गया था। इस मामले में कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले की जांच की जा रही है।