देवभूमि के दीवाने हैं पीएम मोदी..ये रहा इस बात का सबसे बड़ा सबूत !
May 2 2017 11:33AM, Writer:मीत
पीएम मोदी देवभूमि उत्तराखंड से किस कदर प्यार करते हैं, आज इस बात के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। ये तो आपको पता ही होगा कि मोदी केदारनाथ के दर्शन के लिए आने वाले हैं। लेकिन अपने दौरे पर पहले ही पीएम मोदी ने साफ कह दिया है कि दौरे पर वो सिर्फ उत्तराखंड के व्यंजनों का स्वाद लेंगे। रबताया जा रहा है कि मोदी ने कहा है कि पहाड़ी व्यंजन सेहत के लिए सबसे बेहतरीन है। पीएम मोदी के लिए खाने की व्यवस्था गढ़वाल मंडल विकास निगम ही करेगा। अब ये भई जान लीजिए कि मोदी को खाने में क्या परोसा जाएगा।। नाश्ते के मैन्यू में अंकुरित सलाद, सैंडविच, दलिया, ड्राई फ्रुट, जूस या कॉफी दी जाएगी। लेकिन दोपहर का भोजन शुद्ध पहाडी़ होगा। बताया जा रहा है कि दोपहर के भोजन में झंगोरे की खिचड़ी, कोदे के आटे की रोटी, झंगोरे की खीर, कोदे की पूरी, काली दाल के पहाड़ी व्यंजन और अंकुरित सलाद दी जाएगी।
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मोदी किस कदर पहाड़ी व्यंजनों से प्यार करते हैं। आपको याद होगा इससे पहले भी मोदी कह चुके हैं कि पहाड़ के संस्कृति, समाज और व्यंजन पहाड़ियोंं को सबसे ऊपर खड़ा करता है। इस बीच मोदी के केदारनाथ दौरे की तैयारियों को आखिरी रूप दिया जा रहा है। बदरी-केदार मंदिर समिति रुद्राभिषेक और बाकी पूजाओं की तैयारी कर रही है। वहीं, प्रशासन भी सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने में जुटा है। खास बात ये है कि केदारनाथ मंदिर के 500 मीटर के दायरे में बैरीकेडिंग की जा रही है। केदारनाथ में एमआइ-17 हेलीकॉप्टर की ट्रायल लैंडिंग भी की गई। इसके साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम उस नाश्ते और दोपहर के भोजन की तैयारियां कर रहा है, जो पीएम मोदी को परोसा जाना है। तीन मई को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने हैं। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से मंदिर में पूजा का कोई कार्यक्रम उन्हें नहीं मिला है, लेकिन मंदिर समिति इस कार्यक्रम के मद्देनजर पूरी तैयारियां कर रही है। मंदिर समिति का कहना है कि वेदपाठियों और पुजारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उधर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग का कहना कि पीएम मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए मंदिर समिति से अधिकारियों से बातचीत की गई है। उनका कहना है कि इस पर भी चर्चा की गई कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने क्या-क्या प्रस्ताव रखे जाएंगे। उधर केदारनाथ मंदिर के पीछे बने हेलीपैड से मंदिर तक करीब 500 मीटर की दूरी पीएम मोदी पैदल ही तय करेंगे। कुल मिलाकर कहें तो एक बार फिर से उत्तराखंड की संस्कृति, उत्तराखंड के लोग और उत्तराखंड के भोजन को लेकर मोदी का प्यार उमड़ पड़ा है।