उत्तराखंड में शुरू हुई ‘धरना सियासत’..अब हरीश रावत ने ये क्या कर दिया ?
May 2 2017 12:00PM, Writer:मीत
एपीएल कार्ड धारकों को मिलने वाला गेहूं और चावल महंगा क्या हुआ कि उत्तराखंड में सियासत गरमा गई। पूर्व सीएम हरीश रावत इसके विरोध में गांधी पार्क में सांकेतिक उपवास पर बैठे। हरीश रावत के साथ इस धरने में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, करन माहरा. विधायक पुष्कर धामी और तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके साथ ही कांग्रेस ने नया प्लान तैयार किया है। कैबिनेट बैठक में एपीएल के लिए गेहूं और चावल की कीमतों को बढ़ाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस सदन के बाहर और भीतर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत गांधी पार्क में धरना दिया गया। इसके अलावा कांग्रेस ने सदन के भीतर पूर्ण शराबबंदी और चारधाम यात्रा की तैयारियों के साथ ही बढ़ते रोड एक्सीडेंट पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। बैठक में तय हो चुका है कि सदन में सरकार के तमाम फैसलों का विरोध किया जाएगा।
पूर्व सीएम हरीश के मुताबिक सरकार के इस फैसले से छोटे परिवारों को सात सौ रुपये और बड़े परिवारों पर दो हजार रुपये हर महीने का ज्यादा भार पड़ेगा। इससे पहले हमने आपको बताया था कि अब एपीएल उपभोक्ताओं को सस्ती अनाज योजना में मंहगा राशन का झटका सरकार ने दिया । पूर्ण बहुमत की डबल इंजन की सरकार जब से बनी है तब से उम्मीद की जा रही थी की केन्द्र से कुछ सौगात और राहतों की बारिश होगी। लेकिन आर्थिक संसाधन बढ़ने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार कड़े फैसले लेने में जुटी है। हाल में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य खाद्य योजना को साल 2017 और 18 में भी जारी रखने पर मुहर लगा दी । सरकार ने सस्ता खाद्य योजना चालू रखने का फैसला तो किया है लेकिन प्रदेश के 11 लाख एपीएल कार्डधारकों को बड़ा झटका देते हुए उनकों मिलने वाले सस्ते राशन को थोड़ा मंहगा कर दिया है।
पहले एपीएल के कार्डधारकों को 5 रूपये में गेंहू और 9 रूपये में चावल मिलता था लेकिन अब सरकार ने नई दरें जो लागू की हैं उसके तहत एपीएल उपभोक्ताओं को गेंहू 3 रूपये 60 पैसा मंहगा यानि अब 8 रूपये 60 पैसे में लेना होगा। वहीं चावल में सरकार ने एकदम 6 रूपये की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके तहत अब चावल 15 रूपये प्रति किलो खरीदना होगा। हालांकि ये फैसला उन एपीएल उपभोक्ताओं पर लागू होगा जिनकी सालाना आय 5 लाख से ज्यादा है कम आय वाले एपीएल उपभोक्ताओं को पहले की तरह उतने ही रेट पर खाद्यन्न मिलेगा। क्योंकि उनकी सालाना आय 5 लाख से कम है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस ने अपने हाथ भी खोल दिए हैं और सरकार से आर-पार करने के लिए तैयार है।इनकी संख्या लगभग 28 लाख के लगभग है। वहीं भले ही सरकार ने खाद्यान को लेकर ये बड़ा फैसला लिया हो लेकिन जनता को गेहूं मई से पहले नहीं मिल सकेगा।