image: What if kapil mishra allegations became true-0517

मोदी को मिला केदारनाथ दर्शन का फल...निकल गया राह का सबसे बड़ा कांटा !

May 7 2017 6:49PM, Writer:Shantanu

दिल्ली में एक सियासी घटना घटी, जिस के कारण रविवार को हंगामा मच गया। सभी सियासी दलों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बात कर रहे हैं आम आदमी पार्टी के घमासान की। उस से पहले आपको ले चलते हैं उत्तराखंड. बाबा केदारनाथ के पट खुलने वाले थे। खुद पीएम मोदी वहां पर मौजूद थे। कहते हैं कि बाबा केदार अपने भक्तों का हमेशा ख्याल रखते हैं। पीएम मोदी के साथ भी यही हो रहा है। केदारनाथ दर्शन का फल अब उन्हे मिल रहा है। सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी के घमासान को मोदी के केदारनाथ दर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। केजरीवाल अपने सियासी जीवन के सबसे गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। उनका सबसे बड़ा हथियार ईमानदारी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से शुरू हुआ ये पार्टी अब टूट की कगार पर है।

पार्टी के सबसे बड़े चेहरे अरविंद केजरीवाल पर अब तक का सबसे संगीन आरोप लगा है। आरोप लगाने वाले हैं कपिल मिश्रा। सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को दो करोड़ रूपये दिए। ये केवल आरोप नहीं बल्कि AAP की बुनियाद पर सबसे बड़ा हमला था। कपिल मिश्रा अपने आरोप साबित करते हैं या नहीं। ये अलग मुद्दा है, लेकिन केजरीवाल की ईमानदारी पर सवाल तो खड़े हो गए हैं। शीला सरकार के खिलाफ केजरीवाल ने ईमानदारी को ही मुद्दा बनाया था। कपिल मिश्रा के आरोप से AAP में संकट का दौर बन गया है। केजरीवाल के मंत्रियों और विधायकों पर आरोप लगते रहे हैं। ये पहली बार है जब केजरीवाल पर ऐसा आरोप लगा है। कपिल मिश्रा ने तो यहां तक कहा है कि सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद उनकी बातें सही साबित होंगी। अगर ऐसा होता है तो केजरीवा के लिए अंत की शुरूआत हो सकता है।

सत्येंद्र जैन पर पहले से भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच चल रही है। हवाला कारोबारियों के साथ संबंध का भी आरोप है। इनकम टैक्स विभाग का दावा है कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ सबूत हैं। इन सारे आरोपों से AAP की छवि पहले से खराब हो रही है। जितेंद्र तोमर, सोमनाथ भारती, संदीप कुमार, असीम अहमद खान जैसे नेताओं पर भी आरोप लगे हैं। कपिल मिश्रा के आरोप सही साबित हुए तो क्या होगा। आरोप सही साबित होने पर केजरीवाल की राजनीति खत्म हो जाएगी। जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी। इसी के साथ दिल्ली सरकार पर भी संकट मंडराने लगेगा। केजरीवाल को ही पार्टी से हटाने का फैसला लिया जा सकता है। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि केजरीवाल मोदी के सबसे बड़े विरोधी हैं। लेकिन अब वो खुद ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गए हैं। यानि केदारनाथ दर्शन का असर होने लगा है। मोदी के विरोधी खुद ही खत्म हो रहे हैं।


  • MORE UTTARAKHAND NEWS

View More Latest Uttarakhand News
  • TRENDING IN UTTARAKHAND

View More Trending News
  • More News...

News Home