उत्तराखंड ब्रेकिंग: BJP नेता का बेटा निकला शराब तस्कर...देवभूमि बोली…‘धिक्कार है’ !
May 12 2017 11:17AM, Writer:मीत
यूं तो उत्तराखंड में ब़ड़ी बड़ी बातें हो रही हैं। बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि देवभूमि अब नंबर वन बनेगी, हर जगह खुशहाली फैलेगी, अमीर गरीब में कोई फर्क नहीं होगी, नेता और आम आदमी में कोई फर्क नहीं होगा। लेकिन फर्क सामने नजर आ गया। बीजेपी की एक महिला नेता का बेटा ही शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। बीजेपी आज उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत के साथ राज कर रही है। आलम ये है कि बड़ी बड़ी घोषणाएं हो रही हैं। दूसरी तरफ राज्य की महिलाएं सड़कों पर उतरकर शराब बंदी की मांग कर रही हैं। लेकिन क्या सच में किसी को फर्क पड़ रहा है। एक महिला नेता का बेटा ही जब शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हो, तो जरा सोचिए कि वो महिला नेता शराब बंदी के लिए कितनी तत्पर होगी। आईए आपको अब ये पूरी कहानी बताते हैं।
हरिद्वार में शहर कोतवाली पुलिस ने शराब की खेप के साथ बीजेपी की महिला नेता के बेटे समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप तो महिला नेता पर भी लगा है कि उन्होंने इसके बाद थाने में पहुंचकर जमकर बवाल काटा। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की सेंट्रो कार में बड़ी मात्रा में शराब हरिपुर कलां ले जाई जा रही है। इस सूचना पर खड़खड़ी चौकी प्रभारी रणजीत तोमर ने पुलिस टीम के साथ चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने आधी रात दो बजे करीब अलकनंदा घाट के पास हाईवे पर एक कार को रुकवा लिया। पुलिस को देखकर दोनों युवक कार छोड़कर भागने लगे। बाद में इन्हें दबोच लिया गया। कार की तलाशी लेने पर उसमें अंग्रेजी शराब की 6 पेटियां मिली। पुलिस शराब और दोनों आरोपियों को शहर कोतवाली ले गई, जहां दोनों से पूछताछ की गई।
पूछताछ में युवकों ने अपना नाम आशीष और सागर बताया। बताया गया है कि आरोपियों में से एक आशीष की मां बीजेपी की नेता हैं। बेटे के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही महिला बीजेपी नेता ने शहर कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया। बीजेपी नेता ने बेटे पर लगे आरोपों को गलत बताया और गलतफहमी में कार में बैठने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन मुकदमा दर्ज कर लिया। कोतवाली निरीक्षक अनिल कुमार जोशी ने बताया कि आरोपियों के पास से अंग्रेजी शराब के 288 शराब के पौव्वों की खेप मिली है। शिवालिकनगर स्थित शराब के ठेके से शराब को हरिपुर ले जाया जा रहा था। कुल मिलाकर कहें तो उत्तराखंड के भविष्य पर अब भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। सवाल ये है कि क्या ऐसे होगी उत्तराखंड में पूर्ण शराबबंदी ? क्या सच में सरकार पूर्ण शराबबंदी को लेकर गंभीर है ? सवाल कई हैं और इनका जवाब शायद किसी के पास नहीं हैं।