देवभूमि पर कुदरत का कहर...अल्मोड़ा पर बरसी आसमानी आफत...मच गया हड़कंप !
May 26 2017 8:53AM, Writer:मीत
उत्तराखंड में एक बार फिर से प्रकृति का कहर देखने को मिला है। अल्मोड़ा में जो हुआ, वो इसी का बानगी पेश करता है। जैसा कि हमने पहले भी आपको बताया था कि मौसम विभाग लगातार उत्तराखंड के कई जिलों को लेकर भविष्यवाणी करता जा रहा है। इस बीच एक बार फिर से मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच साबित हुई है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भले ही 28 मई से बारिश की चेतावनी दी है। मगर पहाड़ में मौसम का मिजाज अभी से बिगड़ने लगा है। कुमाऊं में मौसम ने तीखे तेवर दिखाए हैं। अल्मोड़ा जिले की चौखुटिया तहसील के दो गांवों में बादल फटा और हड़कंप मच गया। इन गांवों के नाम बिजरानी और टटलगांव हैं। बादल फटने से एक घर और एक ढाबा मलबे में बह गया। इसके साथ ही आठ मवेशी भी बह गए। बिजरानी में कई घरों में मलबा जा घुसा, जबकि गांव को जोडऩे वाला पैदल रास्ता भी बह गया।
अल्मोड़ा के गरुड़ में ही उफान मारते नाले को पार करने के चक्कर में एक व्यक्ति के बहने की खबर है। वहीं, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में भी जोरदार बौछारें पड़ीं। ये ही नही, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर नाबीढांग, लिपूपास के साथ हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात हुआ। इधर, गढ़वाल में चमोली में हल्की फुहारें पड़ीं तो पौड़ी में कुछ स्थानों पर जोरदार बारिश हुई।मौसम विभाग के मुताबिक अभी सूबे में बादल छाए रहेंगे। इसके साथ ही कुछ जगहों पर हल्की से धीमी बारिश का अनुमान है। बिजरानी और टटलगांव में दोपहर मौसम ने पलटी मारी। इसके साथ ही काली घटाओं के बीच बीच बादल फटा। महज 10 मिनट में ही इससे तबाही मच गई। उफान पर आए बरसाती नाले के तेज बहाव ने बिजरानी निवासी मोहन सिंह के घर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। घर में रह रहे 5 लोगों को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया। तभी मकान बह गया और इसके साथ ही वहां बंधे तीन मवेशी भी बह गए।
टटलगांव के रिवाड़ी तोक नाले के उफान से कई घरों में मलबा घुसा, जबकि एक घर की चाहरदीवारी ढह गई। पिथौरागढ़ जिले के कई क्षेत्रों में घटाएं घिरीं और तेज हवा के साथ ही झमाझम बारिश हुई। अल्मोड़ा, बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर जोरदार बारिश हुई, जबकि कुछ जगह बूंदाबांदी हुई । मौसम विभाग का कहना है कि 28 मई से 1 जून के लिए वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर से सक्रिय होने जा रहा है। उत्तराखंड में इस पश्चिमी विक्षोभ का असर 29 मई से दिखेगा। मौसम विभाग का कहना है कि चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और नैनीताल में जमकर बारिश होगी। ये वो पांच जिले हैं जो बार बार मौसम की मार झेलते रहे हैं। चमोली की बात करें तो यहां अक्सर बारिश का असर देखने को मिलता है। ये बारिश कभी कभी लैंड स्लाइड और नदियों की बाढ़ में भी तब्दील हो जाती है। इस वजह से इस क्षेत्र में बदरीनाथ यात्रा पर भी काफी असर पड़ता है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग भी मौसम की मार से अछूता नहीं रहा है। यहां भी अक्सर बारिश आकर पूरे जनजीवन को प्रभावित कर देती है।