उत्तराखंड में पहली बार होगा ये काम…सिर्फ एक कॉल आपको आपदा से बचाएगी…जानिए कैसे ?
May 30 2017 8:51PM, Writer:मीत
आपदा की मार से उत्तराखंड लगातार जूझता रहता है। इस बीच सरकार ने इस बारे में एक बड़ी पहल की है। अब आपदा के दौरान प्रशासन सिर्फ एक कॉल पर प्रभावित क्षेत्र में राहत भेज सकेगा। इसके लिए उत्तराखंड में टिहरी जिले में पहली बार हाईटैक टेक्नोलॉजी से लैस कॉल सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस आपता कॉल सेंटर में सभी गांवों की भौगोलिक जानकारी होगी। इसके साथ ही उत्तराखंड के हर जिले के हर गांव के अधिकारी, कर्मचारियों की संख्या, ग्राम प्रधान के फोन नंबर भी इस कॉल सेंटर में फीड होंगे। कहा जा रहा है कि हर गांव के प्रमुख लोगों के मोबाइल नंबर्स का डाटा भी इस कॉल सेंटर में रखा जाएगा। हालांकि आपदा कंट्रोल रूप तो उत्तराखंड के सभी जिलों में हैं। लेकिन इन आपदा राहत केंद्रों के सामने बडी समस्या ये है कि भौगोलिक जटिलता के बीच सही जगह का पता नहीं लगाया जाता। इस समस्या का समाधान इस कॉल सेंटर में होगा।
आपदा की दृष्टि से टिहरी जिला भी संवेदनशील है। इस जिले में इस वक्त 58 गांवों को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया गया है। रिपोर्ट बताती है कि इस जिले के घनसाली में 32 गांव आपदा प्रभावित हैं। इसके अलावा प्रतापनगर में 6 गांव आपदा प्रभावित हैं। धनोल्टी में 6 गांव आपदा प्रभावित हैं। नरेंद्रनगर में 5 गांव आपदा प्रभावित हैं। देवप्रयाग में 4 गांव आपदा प्रभावित हैं। कंडीसौड़ में 3 गांव आपदा प्रभावित हैं। नैनबाग और टिहरी में एक-एक गांव आपदा प्रभावित हैं। इसके अलावा टिहरी में 45 क्षेत्र भूस्खलन संभावित हैं। वहीं 48 गांव बाढ़ संभावित हैं। टिहरी की जिलाधिकारी का कहना है कि आपदा कंट्रोल रुम में ही कॉल सेंटर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी 1862 गांवों की आबादी, तहसील कर्मचारी, एसडीएम, स्कूल, व्यापारी, ग्राम प्रहरी और प्रधान का डाटा और फोन नंबर कॉल सेंटर में मौजूद रहेगा।
अभी सरकार की तरफ से ये पहली पहल है। कहा जा रहा है कि इस प्रोजक्ट की सफलता के बाद राज्य के बाकी जिलों में भी आपदा कॉल सेंटर खोला जाएगा। कॉल सेंटर में हर गांव की भौगोलिक स्थिति भी दर्ज होगी। किसी भी हादसे के दौरान कॉल सेंटर में प्रभावित गांव या फिर जगह का पूरा डाटा निकाला जाएगा। इससे आपदा के वक्त तत्काल राहत भेजी जा सकेगी। इस दौरान व्यापारियों पास के स्कूलों का सहयोग लिया जा सकेगा। इसके साथ ही सड़क क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक रास्तों से राहत भेजी जाएगी। डीएम के मुताबिक इन दिनों कॉल सेंटर के लिए साफ्टवेयर तैयार हो रहा है । कहा जा रहा है कि अगले हफ्ते तक ये कॉल सेंटर काम करना शुरू कर देगा। कुल मिलाकर कहें तो आने वाले वक्त में उत्तराखंड के लोगों के लिए ये खबर राहत का काम कर सकती है। जल्द ही इस कॉल सेंटर के नंबर भेजे जाएंगे, इसके बारे में भी हम आपको जानकारी देंगे। माना जा रहा है कि आगे सरकार ऐसे कॉल सेंटर्स को बढ़ाएगी।