image: Raw chief anil dhasmana said garhwal is in my breath

देवभूमि को रॉ चीफ अनिल धस्माना का प्रणाम...उत्तराखंड के लिए कह दी बड़ी बात...

May 31 2017 5:22PM, Writer:मीत

अनिल धस्माना के बारे में तो आप जानते ही होंगी। देश की सबसी बड़ी सुरक्षा एजेंसी रॉ की कमान अनिल धस्माना के हाथों में हैं। लेकिन अपनी जड़ों से जुड़ाव वो किसी भी हाल में भूल नहीं सकते। हर बार कोई ना कोई वजह धस्माना को अपनी मातृभूमि की तरफ खींच लाती है। रॉ चीफ प्रसिद्ध धाम श्री ताड़केश्वर धाम पहुंचे। वहां अनिल धस्माना ने पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने गांव तोली के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान धस्माना ने अपने गांव के नाते - रिश्तेदारों से मुलाकात की। इसके साथ ही धस्माना ने वादा किया कि वो जल्द ही गांव वापस आएंगे और लोगों से मेल मुलाकात करते रहेंगे। इसके बाद धस्माना कोटद्वार आए। वहां उन्होंने कहा कि गढ़वाल उनकी सांसों में बसता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड उनके लिए स्वर्ग जैसा रहा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि अपनी धरती से मोह वो किसी भी हाल में नहीं छोड़ सकते।

बीच में एक भावुक पल भी आया। जब गांव वालों ने धस्माना से कहा कि गांव चलिए। तो धस्माना ने कहा कि वक्त बहुत कम है लेकिन वो जल्द ही अपने गांव लौटेंगे। कोटद्वार में धस्माना ने कहा कि वो उत्तराखंड के विकास के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। अनिल धस्माना का अपनी जड़ों से बेहद जुड़ाव है। वो बार अपने गांव आते हैं, अपने लोगों से मिलते हैं और उनकी यादें साथ लेकर वापस चले आते हैं। इस वक्त धस्माना देश की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। देश की रक्षा के लिए वो 12 से 18 घंटे दिन में काम करते हैं। धस्माना 1981 बैच के आईपीएस अफसर हैं। उन्हें उनके करियर में पहली पहचान इंदौर एसपरी के रूप में मिली थी। संयोग से एसपी के पद पर धस्माना की ये पहली पोस्टिंग थी। आपको यहां एक खास बात बताना चाहते हैं। जब धस्माना ने इंदौर में एसपी का पद संभाला था तो उस वक्त वहां माफिया राज था।

माफियाओं के अपने उसूल और कायदे हुआ करते थे। इस दौर में धस्माना ने इंदौर में पुलिसिंग की थी औरशहर को हमेशा के लिए माफियाओं से निजात दिला दी थी। अनिल धस्माना का बचपन शहर की चकाचौंध से दूर बीता। पहाड़ के एक दूरदराज गांव में वो रहते थे। तोली गांव के रहने वाले धस्माना ने यहां से रॉ प्रमुख तक का सफर तय किया है। धस्माना की इस उपलब्धि पर उनके गांव वाले फक्र महसूस करते हैं। जब रॉ के प्रमुख के रूप में जब उनका नाम सामने आया तो पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर दौड़ गई थी। आज अजित डोभाल, बिपिन रावत और अनिल धस्माना ऐसे नाम हैं, जो देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसियों की कमान संभाल रहे हैं। उत्तराखंड को फक्र है अपने इन लालों पर जिन्होंने माटी का मान बढ़ाया है। इसके साथ ही ये तीनों उत्तराखंड के लिए कई योजनाओं पर भी काम कर रहे हैं, जिनमें पलायन रोकना सबसे बड़ा काम है।


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