हिंदुस्तान में हर शख्स लखपति है…हो गए हैरान ? ये रिपोर्ट पढ़िए...और हैरानी होगी..
Jun 1 2017 2:07PM, Writer:मीत
देश में हर शख्स लाखों रुपये कमा रहा है। हर शख्स लाखों में खेल रहा है। हर शख्स गरीबी, भुखनरी , बेरोजगारी और पलायन से मुक्त हो चुका है। हैरानी हो रही है इस रिपोर्ट से। भुखमरी भूल जाइए, किसान भूखे प्यासे मर रहे हैं भूल जाइए क्योंकि भारत में हर इंसान लखपति है। हाल ही में जो आंकड़े सामने आए हैं, वो तो फिलहाल ऐसी ही कहानी बयां कर रहे हैं। ये रिपोर्ट कहती है कि भारत में प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ है। ये रिपोर्ट कहती है कि भारत में हर इंसान लखपति है। देश में प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े सामने आए हैं। जो बताते हैं कि भारत में प्रति व्यक्ति आय 2016-17 में 9.7 फीसदी बढ़ी है। ये रिपोर्ट कहती है कि भारत में प्रति व्यक्ति आय 1,03,219 रुपये पर पहुंच गई। यानी इसका मतलब ये हुआ है कि भारत में हर शख्स इतने रुपये कमा रहा है। चलिए आपको साल 2015-16 के आंकड़ों की तरफ ले चलते हैं। साल 2015-16 में देश की प्रति व्यक्ति आय 94, 130 रुपये थी।
एक आधिकारिक बयान कहता है कि इस बार प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। ये 7.4 फीसदी बढ़ी है। 2016-17 में मौजूदा मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 1,03,219 रुपये है। तो सवाल ये है कि आखिर प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ तो हुआ किस तरह ? इसका जवाब भी हम आपको दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि देश में औद्योगिक घरानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। आम आदमियों के मुकाबले इन घरानों में ही ज्यादातर वृद्धि हो रही है। कहा जाता है कि प्रति व्यक्ति आय देश में संमृद्धि का संकेत देती है। ये आधिकारिक आंकड़ा कहता है कि वास्तविक आधार यानी 2011-12 के मूल्य के हिसाब से 2016-17 में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। ये प्रति व्यक्ति आय करीब 5.7 प्रतिशत बढ़ी है। हालांकि देशवासियों को इन आंकड़ों को देखकर हैरानी हो रही है। देश में बेरोजगार सड़कों पर घूम रहे हैं, नौकरी के लिए इधर उधर के चक्कर काट रहे हैं। भूख से किसान मर रहे हैं, कर्ज से किसान मर रहे हैं, यहां तक कि आत्महत्या करने को उतारू हैं।
लेकिन इस बीच ये आंकड़े कह रहे हैं कि देश में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। एक्सपर्ट्स ने सीधे इसकी एक ही वजह बताई है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अमीरों के पास दौलत लगातार बढ़ृती जा रही है। गरीब अभी उसी लेवल पर हैं। इसलिए आधिकारिक आंकड़ों में जो औसत निकाला गया है, वो कहता है कि देश में हर शख्स लखपति है। वहीं 2011-12 के बेस मूल्य के हिसाब से भारत की सकल राष्ट्रीय आय के 120.35 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया जा रहा है। पहले यानी एक साल पहले ये आय 112.46 लाख करोड़ रुपये के करीब थी। सवाल ये है कि आखिर ये रुपया जा कहां रहा है ? लोग भूखे प्यासे मर रहे हैं, इसकी किसी को कोई फिक्र नहीं है। लोग बेरोजगारी से लड़ रहे हैं, इसकी भी किसी को कोई फिक्र नहीं है। फिक्र है तो रिपोर्ट्स की। वो सुना होगा आपने कि दिल के खुश रखने को गालिब ये ख्याल अच्छा है। शायद ये रिपोर्ट देखकर आपको भी ऐसा ही लगे।