आधार कार्ड रखने वालों के लिए शानदार खबर.. मोदी सरकार ने दिया धांसू तोहफा...
Jun 2 2017 6:24PM, Writer:मीत
देशभर में आधार कार्ड धारकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही एक खतरा ये मंडरा रहा था कि कहीं आधार का डेटा लीक ना हो जाए। सरकार के सामने ये सबसे बड़ी समस्या थी, जो कभी भी विकराल रूप ले सकती थी. लेकिन अब इसके लिए केंद्र सरकार ने तमाम सुरक्षात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने हैकिंग के मामलों को रोकने की पहल कर दी है । सभी मंत्रालयों को आदेश दे दिए गए हैं कि आधार डेटा और पर्सनल फाइनैंशल डिटेल्स को एनक्रिप्ट किया जाए। एनक्रिप्ट का मतलब ये हुआ कि अनाधिकृत पहुंच को रोकने के लिए सूचना या डेटा को कोड में कन्वर्ट कर लिया जाता है। कहा जा रहा है कि इस कोडिंग के दम पर कोई भी हैकर आपके आधार का डेटा नहीं चुरा सकेगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा अधिकारियों को डेटा लीक के खतरों के बारे में भी जानकारी दी गई है। साफ हो गया है कि अब हर सरकारी विभाग में एक अधिकारी को आधार डेटा प्रोटेक्शन के लिए रखा जाएगा।
इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय की तरफ से भी आदेश जारी कर दिया गया है। सभी डिपार्टमेंट्स को बेहतर डेटा सिक्यॉरिटी के लिए खत भेजा गया है। आपको बता दें कि आधार 12 डिजिट का यूनीक नंबर होता है। इसे बायोमीट्रिक डेटा के बेस पर देशभर के नागरिकों को दिया जाता है। सूत्रों का कहना है कि सभी विभागों से तत्काल उनकी वेबसाइट पर कॉन्टेंट चेक करने के आदेश दिए गए हैं। इससे इस बात का पता लगाया जा सकेगा कि कहीं उस पर पर्सनल डेटा तो नहीं दिया गया है। इसके अलावा डेटा हैंडलिंग के 27 पॉइंट्स भी जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को 9 चीजों से बचने की भी सलाह दी गई है। इनमें आधार डेटा और बैंक डिटेल्स को छिपाने और डेटा को एनक्रिप्ट करने की बात कही गई है। इसके साथ ही मोदी सरकार ने पर्सनल डेटा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर दिन ऑडिट करने के भी आदेश दिए हैं। अब आपको बताते हैं कि सरकार ने ऐसा क्यों किया है।
इससे पहले बार बार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें देखा गया कि मंत्रलयों के पर्सनल डेटा लीक हुए। इसके साथ ही नागरिकों की पहचान, आधार नंबर और बाकी जरूरी डेटा लीक हुए थे। इसके साथ ही इस खत में जवाहदेही भी तय की गई है। भविष्य सरकारी डिपार्टमेंट्स को डेटा लीक से बचने की वॉर्निंग भी दी गई है। आधार डेटा का लीक होना आधार कानून, 2016 के नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में 3 साल तक की सजा हो सकती है। ऐसे में सरकार ने इसे और ज्यादा मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से देशभर के आधार कार्ड होल्डर्स के सामने सुरक्षा की किसी भी तरह की कोई खामी नहीं आएगी। कुल मिलाकर कहें तो आधार कार्ड की डिटेल को सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार की तरफ से एक शानदार पहल की गई है।