Video: उत्तराखंड के संगीत का सुपरहिट अवतार...शानदार, धाकड़ और जबरदस्त...देखिए वीडियो
Jun 3 2017 1:29PM, Writer:मीत
उत्तराखंड के कालजयी शख्स स्वर्गीय चंद्र सिंह राही के बारे में आप जानते ही होंगे। वो शख्स जिसने उत्तराखंड के संगीत को पहचान दी, आवाज दी। खासकर उत्तराखंड की कल्पता को गीतों के जरिए पेश किया। इस महान कलाकार के पुत्र हैं राकेश भारद्वाज, जो अपने पिता की ही तरह उत्तराखंड के संगीत को नया आयाम दे रहे हैं। वैसे भी देवभूमि के युवाओं के लिए एक बात कही जाती है। कुछ भी हो, कहीं भी रहें, किसी भी हाल में रहें लेकिन अपनी मातृभूमि से प्यार और लगाव कभी नहीं छोड़ सकते। इन युवाओं में से एक हुनरमंद युवा हैं राकेश भारद्वाज। राकेश ने उत्तराखंड के संगीत को नई पहचान दी और साबित कर दिया कि आज उत्तराखंडियों में वो दम है कि बॉलीवुड को भी हिला दें। राकेश की सफलता की कहानी बड़े उतार चढ़ावों सेे भरी पड़ी है। संगीत से राकेश को पहले से ही प्यार था। लेकिन उन्हें को पहला ब्रेक 1999 में मिला, जब राकेश देश के जाने माने बैंड यूफोरिया से जुड़े थे। संगीत राकेश को विरासत में पिता। स्वर्गीय श्री चंद्रसिंह का बेटा होने की वजह से राकेश ने उत्तराखंड के संगीत को अपनी रगों में पहले ही बसा लिया था। राही जी ने जिंदगी भर उत्तराखंड के संगीत को जिया, इसका सीधा असर राकेश पर भी पड़ा था।
चाहे वो कहीं भी रहे हों, लेकिन उत्तराखंड की संस्कृति को अपने दिल में बसाए रखा। कहते हैं जीवन बड़ा निर्मोही है। एक दिन चंद्र सिंह राही दुनिया को छोड़कर चले गए। इसके बाद राकेश टूट गए थे। उन्होंने एक पिता ही नहीं बल्कि अपना गुरू खो दिया था। जीवन में खालीपन सा महसूस होने लगा था। लेकिन वक्त आगे बढ़ता रहा। दिल में कुछ बड़ा करने का सपना और आंखों में विश्वास की अलख जगाकर राकेश आगे बढ़ते रहे। पिता के पदचिह्नों को कभी नहीं भूले। ये पिता का ही आशीर्वाद था कि उनके देहांत के 6 दिन के बाद राकेश को उत्तराखंडी के फोक म्यूजिक का पहला लाइव कॉन्सर्ट करने का मौका मिला था। राकेश कहते हैं कि उन्होंने ये शो इसलिए किया क्योंकि उनके पिता स्वर्गीय श्री चंद्र सिंह राही कहते थे ‘शो मस्ट गो ऑन’। इस शो में बड़े बड़े गीतकार आए थे। इनमें से नेहा खंखरियाल, श्री हीरा सिंह राणा, मीना राणा जैसे कलाकार आए थे। शो को काफी पसंद किया गया था।
इसके बाद राकेश ने बेड़ु पाको बारामासा गीत को नए अंदाज में लोगों के सामने पेश किया। शायद ये पहला वक्त था, जब उत्तराखंड को राकेश के हुनर का पता चला। हुनर का अदांज तो पहले से ही निराला था, लेकिन इस गीत ने राकेश के हुनर को और भी ज्यादा तराशा। राकेश उत्तराखंड के लोगों की पसंद बन गए थे। राकेश कहते हैं कि इस गीत को इसलिए वो नए अंदाज में लाए क्योंकि उत्तराखंड से बाहर जो लोग रहते हैं, जो विदेशों में रह रहे हैं, वो अपने संस्कृति और अपने पहाड़ की खूबसूरती का अहसास कर सकें। बेड़ु पाको बारामासा सुपरहिट रहा। इसके अलावा राकेश ने अपने पिता स्वर्गीय चंद्र सिंह राही का बहुत ही पुराना गाना ‘सात समुंदर पार चि जाणु ब्वे’ नए अंदाज में पेश किया। इस गाने को युवाओं ने बेहद पसंद किया। जल्द ही राकेश का एक और गाना आने वाला है। इस गाने के बोल हैं ‘अपणी थाती मां तू लौट के ए जा’। ये गाना भी स्वर्गीय श्री चंद्र सिंह राही जी का लिखा गया है। खैर जो वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं वो रिकॉर्डतोड़ है, धांसू है, सुपरहिट है, गजब है। और क्या कहें...बाकी तो आप ये गीत ही सुन लीजिए।