बैंक में अब ये काम किया तो लगेगा डबल जुर्माना..आपके लिए जरूरी खबर...
Jun 3 2017 6:22PM, Writer:मीत
मोदी सरकार लगातार काले धन पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही इनकम टैक्स विभाग ने लोगों को सख्त हिदायत दे डाली है। इसके साथ ही बैंकों को भी इस मामले में सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। आईटी विभाग का कहना है कि दो लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही डिपार्टमेंट का कहना है कि इस तरह के लेनदेन से जिस व्यक्ति को नकद रकम मिलेगी, उसे उतना ही जुर्माना देना पड़ेगा। इसके साथ ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि अगर आपको भी ऐसे लेन देन की जानकारी मिलती है तो आप इस पूरी जानकारी को [email protected] पर मेल कर सकते हैं। आपको बता दें कि काले धन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने नोटबंदी जैसे कड़ा नियम लागू किया था। 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 के पुराने नोटों पर बैन लगाया गया था। सरकार के इस ऐलान के बाद देशभर के बैंकों और ऐटीएम के बाहर लंबी लंबी कतारें लग गई थी।
नोटबंदी के बाद देशभर में हड़कंप मच गया था। अब सरकार ने वित्त अधिनियम, 2017 के तहत एक अप्रैल, 2017 से दो लाख रुपये से ज्यादा के कैश लेनदेन पर रोक लगा दी है। इनकम टैक्स कानून में धारा 269 एसटी को शामिल किया गया है। ये धारा एक दिन में इतने कैश के लेनदेन पर रोक लगाती है। बस इतना जान लीजिए के आप अब बैंक में 2 लाख रुपये से ज्यादा का लेनदेन किसी भी हाल में नहीं कर सकते। इसके लिए इनकम टैक्स विभाग ने बकायदा अखबारों में विज्ञापन भी दिया है। इसके साथ ही टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि धारा 269 एसटी के नियमों को तोड़ने पर नकद राशि हासिल करने वाले पर इतनी ही राशि के बराबर जुर्माना लगेगा। इससे पहले वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि तीन लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेन देन पर जुर्माना लगेगा। इसके अलावा भी इस खबर से जुड़ी कुछ और भी बातें हैं।
वित्त विधेयक में संशोधन के तहत इस लिमिट को अब कम कर दिया गया है। एक बार फिर से आपको बता दें कि आप दो लाख रुपये से ज्यादा का कैश लेनदेन नहीं कर सकते। हालांकि ये नियम सरकार की किसी बैंकिंग कंपनी, प्राप्ति, सहकारी बैंक या डाकघर बचत बैंक पर लागू नहीं होगी। इस प्रस्ताव का सीधा मकसद एक ही है, और वो ये है कि किसी भी हाल में काले धन पर अंकुश लगाया जा सके। कुल मिलाकर कहें तो काले धन पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने एक और पहल की है। इससे पहले सरकार ने साफ साफ लफ्जों में कह दिया था कि देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए। इसके अलावा सरकार ने डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कई ईनामी योजनाओं की स्कीम को भी लॉन्च किया था। सरकार का मानना है कि अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण से देश की इकॉनमी और ज्यादा तेजी से संवरेगी।