image: World bank prediction on demonetization

पीएम मोदी की इस पॉवर से झुक गई दुनिया... वर्ल्ड बैंक ने की बहुत बड़ी भविष्यवाणी !

Jun 5 2017 3:34PM, Writer:मीत

8 नवंबर 2016 का दिन तो आपको याद ही होगा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र देश की जनता के सामने आए थे। मोदी ने देशवासियों के सामने ऐलान किया था कि 8 नवंबर की रात 12 बजे के बाद से देशभर में नोटबंदी होगी। 500 और 1000 रुपये के नोटों पर बैन लगा दिया गया। इसके बाद हिंदुस्तान में हड़कंप मच गया था। जगह जगह बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी लंबी कतारें दिखने लगी। कई एक्सपर्ट्स ने कहा कि नोटबंदी का फैसला भारत के लिए बेहद खराब है। इस बीच कई एक्सपर्ट्स ऐसे भी थे, जिनका मानना था कि नोटबंदी से देश कतो सिर्फ फायदा होगा। आखिर कार विश्व बैंक ने भी कह दिया है कि नोटबंदी की वजह से भारत लगातार तरक्की करेगा। विश्व बैंक ने कहा कि नोटबंदी के फैसले से भारत से रेवेन्यू में जबरदस्त इजाफा होगा। बैंक ने कहा कि नोटबंदी की मदद से ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स के दायरे में आ सकेंगे। इसके अलावा भी बैंक ने काफी बड़ी बड़ी बातें कही हैं।

इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया कि 2016-17 में भारत ने नोटबंदी और एमनेस्टी स्कीम के जरिए बड़ी सफलता हासिल की है। इसके जरिए अघोषित आय को टैक्स के दायरे में लाने में सफलता हासिल की गई है। इसके साथ ही कहा गया कि कुल टैक्स रेवेन्यू और राज्यों के शेयर बजट में तय किए गए टारगेट 10.8 परसेंट को पार कर 11.3 परसेंट तक पहुंच गया। इसके साथ ही विश्व बैंक ने कहा कि इसी वजह से पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स पर उम्मीद से ज्यादा एक्साइज ड्यूटी कलेक्ट की गई। विश्व बैंक ने 'इंडियाज ग्रेट करंसी एक्सचेंज' नाम से एक चैप्टर लिखा है। इस चैप्टर में लिखा गया है कि अगर नोटबंदी के जरिए अघोषित आय को टैक्स के दायरे में रखा गया। तो फिर ये स्थिति हमेशा के लिए बन जाएगी। इसके साथ ही बैंक ने कहा कि नोटबंदी के जरिए भारत सरकार इकॉनमी को नियमित और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि साल 2008-09 में भारत की अर्थव्यवस्था के आधे हिस्से का कोई हिसाब किताब नहीं था, लेकिन अब नोटबंदी से इसका हिसाब किताब भी सरकार के पास है। विश्व बैंक के मुताबिक नोटबंदी के चलते अनियमित इकॉनमी में शामिल संसाधनों को नियमित अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा सकेगा। इसके साथ ही बैंक की इस रिपोर्ट में कहा गया कि जो फर्म्स डिजिटल पेमेंट्स को अपनाने से मना कर रही थी, वो भी अब इस फैसले के बाद से नियमित इकॉनमी का हिस्सा बन रही हैं। तो कुल मिलाकर कहें तो इस वक्त जहां पूरी दुनिया आर्थिक संकट की मार से जूझ रही है ऐसे में भारत के लिए अच्छी खबर ये है कि वर्ल्ड बैंक जैसा दिग्गज भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर काफी बड़ी बड़ी बातें कह रहा है । ऐसे में कहा जा सकता है कि हिंदुस्तान की ताकत पर अब बड़े बड़े सूरमा भी भरोसा कर रहे हैं। देखना है कि आगे चलकर मोदी का ये फॉर्मूला कितना कारगर साबित होता है।


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