उत्तराखंड पर ‘ड्रैगन’ की नजर..जनरल बिपिन रावत ने दी वॉर्निंग..‘आंखें निकाल दूंगा’ !
Jun 6 2017 10:41AM, Writer:मीत
आपको याद होगा कि कुछ वक्त पहले चमोली में चीनी हेलीकॉप्टर देखा गया था। इसके बाद से देशभर में हड़कंप मच गया था। लेकिन अब एहतियात बरतते हुए भारतीय वायु सेना भी तैयार हो गई है। इस बार चीन को मौका नहीं दिया जाएगा। उधर भारतीय सेना के चीफ जनरल बिपिन रावत ने साफ साफ कह दिया है कि पड़ोसी मुल्क की ये हरकत अब बख्शी नहीं जाएगी। माना जा रहा है कि जनरल रावत ने सेना की एक टुकड़ी को भी तैयार करने के निर्दश दे दिए हैं। वैसे भी जनरल रावत उत्तराखंड के रहने वाले हैं। ऐसे में वो देवभूमि पर आंच तक नहीं आने आने देंगे। जनरल बिपिन रावत कह चुके हैं कि चीन बार बार अपनी नीच हरकतों से बाज नहीं आने वाला। इसलिए अब वक्त चुप रहने का नहीं है बल्कि दुश्मनन को माकूल जवाब देने का वक्त आ गया है। चीन की घुसपैठ के बाद सीमा पर भारतीय वायु सेना भी चौकसी बरत रही है। देवभूमि पर चीन लगातार अपनी नजर बनाए हुए है।
ड्रैगन हर बार ऐसी हरकत कर रहा है, जिससे लगता है कि वो उत्तराखंड के रास्ते हिंदुस्कान में घुसना चाहता है। इस बात को बल इसलिए मिलता है क्योंकि बारहोटी में जो हुआ वो हैरान करने वाला है। भारत और चीन सीमा के नजदीक चमोली जिले के बराहोटी में चीनी के दो हैलीकॉप्टर उड़ते दिखए थे। ये हेलीकॉप्टर शनिवार को भारतीय सीमा में उड़ते दिखे थे। खुद चमोली की पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने इस बात की जानकारी दी थी। सुबह सवा नौ बजे दो संदिग्ध हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में दिखे। उन्होंने बताया कि ये हेलीकॉप्टर चमोली के बराहोटी क्षेत्र के ऊपर उड़ते दिखा। करीब 4 मिनट तक ये हेली भारतीय नभक्षेत्र में उड़ते दिखे। खासकर जब बात ड्रैगन जैसे मुल्क की हो तो इसे गलती तो किसी भी हाल में नहीं कहा जा सकता। ये नापाक चीन की साजिश है, जिस वो खुद मानने से इनकार कर रहा है। इसके साथ ही देश के अलग अलग राज्यों से वो घुसपैठ करने की सोच रहा है।
उधर अरुणाचल के एक हिस्से को चीन अपना मानने लगा है। पहले चीनी सैनिकों ने इस हिस्से में घुसपैठ की, इसके बाद धीरे धीरे उस जगह पर अपने झंडे गाड़ने शुरू कर दिए। इसके बाद धीरे धीरे वहां के पत्थरों में चीनी भाषा में कुछ लिखना शुरु कर दिया। और आखिर में चीन ने उस हिस्से को अपना ही मान लिया। हालांकि भारत ने भी चीन की उस हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारत ने अरुणाचल प्रदेश के उस हिस्से को बचाने के लिए वहां ब्रह्मोस मिसाइल ही तैनात कर दी थी। अब उस इलाके में चीन की चहलकदमी कम हो गई। लेकिन अब लग रहा है कि चीन ने घुसपैठ का नया तरीका ढूंढ लिया है। हो सकता है कि उत्तराखंड से लगती सीमा की वो लगातार रेकी कर रहा हो। ये भी हो सकता है कि चीन लगातार उत्तराखंड में घुसपैठ करने की कोशिश कर कर रहा हो। लेकिन इस बार भारतीय सेना और वायुसेना ने साफ कर दिया है कि अब गलती हुई तो बख्शा नहीं जाएगा।