राष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का ऐलान..इस दिन देश को मिलेगा अगला राष्ट्रपति…
Jun 7 2017 6:43PM, Writer:मीत
देश भर में एक चर्चा काफी वक्त से चल रही है और वो चर्चा हो रही है राष्ट्रपति चुनाव को लेकर। अलग अलग दलों ने हुंकार भरनी शुरू कर दी है। इस बीच हम आपके लिए बड़ी खबर लेकर आए हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर किस दिन देश को अगला राष्ट्रपति मिलेगा। इसके साथ ही हम आपको ये भी बताएंगे कि आखिर इस बार राष्ट्रपति चुनाव में किस पार्टी का पलड़ा भारी पड़ रहा है। चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान कर दिया है। प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। इससे पहले जरूरत पड़ने पर 17 जुलाई को वोटिंग हो सकती है। आपको बता दें कि प्रेसिडेंट इलेक्ट करने के लिए सीक्रेट बैलेट से वोटिंग की जाती है। 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद बीजेपी की स्थिति मजबूत दिख रही है। बीजेपी को अपना पसंद का प्रेसिडेंट चुनने के लिए 20 हजार वोटों की जरूरत है। यानी माना जा रहा है कि बाकी दलों के सहयोग से बीजेपी अपनी पसंद का प्रेसीडेंट चुन सकती है।
हालांकि बाकी दलों ने अब तक ये तय नहीं किया है कि वो किस तरफ जाएंगे। बाकी दलों का वोट फीसदी 13 है। ये ही वोट तय करेंगे कि भारत का अगला प्रेसिडेंट कौन होगा। चीफ इलेक्शन कमिश्नर नसीम जैदी ने कहा कि राजनीतिक दल अपने संसद सदस्यों और विधानसभा सदस्यों को प्रेसीडेंट इलेक्शन के बारे में कोई भी व्हिप नहीं जारी कर सकते हैं। इसके अलावा वोटों की गिनती दिल्ली में ही होगी। अब आपको बताते हैं कि इस चुनाल का फंडा क्या है और गणित क्या कहता है। चुनाव आयोग का नोटिफिकेशन 14 जून को जारी होगा। नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख 28 जून है। नॉमिनेशन की स्क्रूटनी 29 जून को होगी। नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख 1 जुलाई है। जरूरत पड़ने पर वोटिंग 17 जुलाई, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। जरूरत पड़ने पर काउंटिंग 20 जुलाई, सुबह 11 बजे से होगी। इसके साथ ही एक सांसद की वोट वैल्यू तब पता चलेगी जब आप विधायकों के कुल वोटों को सांसदों की कुल संख्या से भाग दें।
फिलहाल एक सासंद की वोट वैल्यू 708 है। किसी भी दल को अपनी पसंद का प्रेसिडेंट बनाने के लिए 50% यानी 5,49, 442 वोटों की जरूरत है। एनडीए के पास लोकसभा, राज्यसभा, स्टेट असेंबली को मिलाकर कुल 5,27,371 वोट हैं। यूपीए के पास सभी अपोजिशन पार्टियों के एक होने पर 5,68,148 वोट होंगे। ऐसे में AIADMK , BJD , TRS , YSRCP जैसी पार्टियों पर सभी की नजर रहेगी। इन पार्टियों की सहमति किसके साथ बनेगी। ये तो आने वाला वक्त ही तय करेगा। लेकिन इस पार्टियों के पास कुल मिलाकर 13 फीसदी वोट पर्सेंटेज है, जो राष्ट्रपति चुनाव में बेहद काम आएगा। इस चुनाव को लेकर एनडीए ने अब तक कैंडिडेट की घोषणा नहीं की है। पहले मोहन भागवत का नाम लिया जा रहा था, लेकिन अमित शाह और खुद मोहन भागवत ने ही इससे इनकार कर दिया। उधर यूपीए ने भी किसी कैंडिडेट का ऐलान नहीं किया है। यूपीए इस बात पर जोर दे रही है कि इस चुनाव में साझा कैंडिडेट उतारा जाए। कहा तो ये भी जा रहा है कि बंगाल के पूर्व गवर्नर गोपालकृष्ण गांधी यूपीए के उम्मीदवार होंगे।