बद्रीनाथ में यात्रियों से भरा हेलीकॉप्टर क्रैश …गर्दन कटने से इंजीनियर की मौत…
Jun 10 2017 2:09PM, Writer:मीत़
उत्तराखंड से आज की हैरान कर देने वाली खबर निकलकर सामने आ रही है। बद्रीनाथ में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। हादसे में इंजीनियर की मौत हो गई। इस वक्त देशभर से बद्रीनाथ जाने वालों का तांता लगा है। देखा जा रहा है कि हर जगह से श्रद्धालु बदरी धाम की तरफ जा रहे हैं। लेकिन यहां एक हैरान कर देने वाली खबर हम आपको बता रहे हैं। बदरी धाम में तीर्थयात्रियों को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। बताया जा रहा है कि ये हादसा तब हुआ जब हेलीकॉप्टर ने टेक ऑफ किया। इसके बाद तो मानों वहां हाहाकार मच गया। इस हादसे में चॉपर के ब्लेड से कट जाने की वजह से एक इंजीनियर की मौत हो गई। इस वक्त बदरीनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। ये सेवा शुरु होने से पहले ही विवादों के घेरे में थी। एक आंकड़ा कहता है कि बदरीनाथ में अब तक कुछ 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं। सड़क के साथ साथ लोग हवा में भी सफर कर रहे हैं।
इस हादसे की वजह क्या है ये अब तक खुलासा नहीं हो सका है। जैसे ही इस बात का खुलासा होगा हम आप तक जरूर ये खबर पहुंचाएंगे। इस हेलीकॉप्टर में 5 यात्री सवार थे। दो पायलट के अलावा एक क्रू मेंबर इसमें मौजूद था। हालांकि दोनों पायलट जख्मी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पांचों यात्री सुरक्षित हैं। खबर है कि ये हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से हरिद्वार की तरफ जा रहा था। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली में डीजीसीए के एक ऑफिशियल ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में एक क्रू मेंबर यानी इंजीनियर की मौत हो गई है। इसके अलावा दोनों पायलट्स को कुछ चोटें आई हैं। चमोली जिल की सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस तृप्ति भट्ट ने भी कहा है कि इंजीनियर की गर्दन रोटर ब्लेड से कट गई थी। इस वजह से इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई। डीजीसीए के अधिकारियों का कहना है कि अगस्ता 119 हेलीकॉप्टर मुंबई की प्राइवेट कंपनी क्रिस्टल एविएशन का था।
इस हेलिकॉप्टर ने सुबह 7:45 बजे बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए उड़ान भरी थी। हालांकि पैसेंजर्स को किसी तरह की कोई चोट नहीं आई है। कुल मिलाकर कहें तो जब भी आप बदरीनाथ के लिए यात्रा के लिए निकल रहे हैं तो हेलीकॉप्टर की सेवा लेने से पहले सौ बार सोच लें। आपको यहां ये भी बताना चाहते हैं कि बद्रीनाथ के भौगौलिक लिहाज से भी वहां हेलीकॉप्टर सेवा को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई है। बार बार इसके लिए सड़क पर उतरकर पर्यावरण बचाने की भी दुहाई दी जाती है। कई बार कई पर्यावरणविद ये बात कह चुके हैं कि बद्रीनाथ में हेलीकॉप्टर की सेवा बड़े खतरे की वजह बन सकती है। लेकिन हेली कंपनियां अपने फायदे के लिए खतरों से खेल रही हैं। एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर की वजह से चट्टाने दरक रही हैं। अब देखना है कि सरकार इस मामले में क्या एक्शन लेती है। खैर इतना जरूर है कि इस धाम मे इस हादसे के बाद से हड़कंप सा मच गया है।