16 जून से हड़ताल, पेट्रोल पंप संचालकों की मोदी सरकार को चेतावनी
Jun 11 2017 1:46PM, Writer:मीत
हमने आपको बताया था कि सरकार अब हर दिन तेल की कीमतें बदलने के बारे में प्लानिंग कर रही है। लेकिन इस बीच मोदी सरकार को पेट्रोल पंप संचालकों ने ही चुनौती दे डाली है। पेट्रोल पंप मालिकों ने इसके साथ ही बंद का ऐलान किया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स ने इस बारे में बड़ा बयान दिया है। ट्रेडर्स का कहना है कि इस नियम से रिटेलर्स को खत्म किया जा रहा है।पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक पत्र लिखा गया है। इस पत्र में कहा गया है कि इस फैसले के विरोध में 16 जून को देश भर के पेट्रोल पंपों के हड़ताल होगी। पेट्रोल पंप मालिकों ने पेट्रोलियम मंत्री से कहा है कि इस तरह का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल 5 शहरों में लागू हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि वहां के डीलर्स ने अपने हाथ जला लिए हैं। इन शहरों के पेट्रोल पंप मालिकों को इन्वेंट्री लॉस हुआ है इसके साथ ही आगे लिखा गया है कि पूरे देश में ये फैसला लागू होगा तो सभी की ऐसी स्थिति होगी।
पेट्रोल पंप मालिकों ने पत्र में मंत्री को सुझाव दिया कि रिटेल आउटलेट्स के ऑपरेशंस और उनके फायदे की डिटेल स्टडी की जाए। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए। पेट्रोल पंप मालिकों ने कहा कि अगर इस तरह बिना जानकारी के हर दिन कीमतों में बदलाव का फैसला लिया गया तो पेट्रोल पंप संचालकों के भविष्य के लिए अंधकार जैसा होगा। रिटेलर्स का कहना है कि आमतौर पर एक खेप की खरीद छोटे डीलर्स पर 7 से 10 दिन तक रहती है। ऐसे में अगर हर दिन कीमतों में बदलाव होगा तो उनकी कमाई घाटे को पूरा करने में ही चली जाएगी। 16 जून से सरकार इस नियम को लागू करने जा रही है और 16 जून से ही पेट्रोल पंप संचालकों ने हड़ताल के ऐलान की चेतावनी दे डाली है। इससे पहले पायलट प्रोजक्ट के तौर पर देश के 5 शहरों में इस योजना को चलाया जा चुका है। इससे पहले देश में हर 15 दिन में तेल के दामों की समीक्षा की जाती थी। लेकिन अब कुछ अलग होने वाला है।
सूत्रों के हवाले से ये खबर भी आ चुकी है कि देश की तमाम तेल कंपनियां तेल के दाम हर दिन बदलने का प्लान तैयार कर चुकी हैं। तेल कंपनियों ने ये फैसला पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ एक बैठक में लिया है। अब देखना है कि पेट्रोल पंप संचालकों की अपील पर मोदी सरकार क्या करती है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में तेल कंपनियों के टॉप एग्जिक्युटिव्स को जल्द से जल्द पूरे देश में कीमतों के लिए नई व्यवस्था लागू करने के लिए कहा गया। 1 मई से देश के 5 शहरों में रोजाना तेल की नई कीमतें तय की जा रही हैं। इन शहरों में विशाखापत्तनम, पुडुचेरी, जमशेदपुर, उदयपुर और चंडीगढ़ हैं। इन शहरों में पायलट प्रोजक्ट के तौर पर ये नई कीमतें चल रही हैं। पांच शहरों को छोड़ दिया जाए तो अभी तेल कंपनियां हर 15 दिन में तेल की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हर 15 दिन में पेट्रोल और डीजल के नए दाम सामने लाए जाते हैं। इन कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑइल की कीमतों के आधार पर तय किया जाता है। लेकिन अब सरकार का मानना है कि पेट्रोल पंपों में ऑटोमेशन हो रहा है।