बेरोजगारों के लिए आज की बड़ी खबर, इस रविवार पीएम मोदी देंगे GOOD NEWS
Jun 14 2017 2:52PM, Writer:मीत
देशभर में लंबे वक्त से बेरोजगारी को लेकर कई बड़ी बड़ी बातें कही जा रही हैं। कहा जा रहा है कि बेरोजगारी लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में पीएम मोदी आपके लिए खुशखबरी लेकर आए हैं। रविवार को मोदी नौकरी के अवसरों और रोजगार को लेकर जुटाए गए आंकड़ों की समीक्षा करने जा रहे हैं। आपको बता दें कि देश तो तरक्की कर रहा है लेकिन सरकार के लिए कहा जा रहा है कि देश में 'जॉबलेस ग्रोथ' हो रही है। ये ही लांछन इससे पहले यूपीए सरकार पर भी लगा था। कहा जा रहा है कि अब मोदी सरकार एंप्लायमेंट एवेन्यू और डेटा जेनरेशन, की पड़ताल करने जा रही है। इस वक्त देश के नीति निर्माताओं को भी लग रहा है कि बेरोजगारी पर ध्यान देना काफी जरूरी है। आपको याद होगा कि 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने बेरोजगारी का मुद्दा जोर शोर से उठाया था। अब सरकार अगले आम चुनाव से पहले इस मुद्दे का हल निकालने के लिए तैयार है।
सूत्रों का कहना है कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया इस पूरे मसले पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रजेंटेशन देंगे। इसके अलावा रोजगार के अवसरों के आकलन के लिए सरकार की तरफ से एक टास्क फोर्स तैयार की गई है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व खुद अरविंद पनगढ़िया ही करेंगे। इस टास्कफोर्स को वक्त पर सही आंकड़े देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पनगढ़िया ने कहा कि भारत में जल्द ही नौकरियों से जुड़ा नया आंकड़ा पेश होगा। इसके आधार पर देश के नीति निर्माताओं को रोजगार के हालात का बेहतर अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। इसके साथ नीति आयोग ने पाया है कि मौजूदा आंकड़ों में कुछ खामियां है, जिन्हें हर हाल में पूरा किया जाना है। ये आंकड़े लेबर ब्यूरो की ओर से रोजगार के हालात पर हर तीसरे महीने जारी की जाने वाली रिपोर्ट के हैं। कहा जा रहा है कि इन सर्वेक्षणों में जांच करने के लिए बड़ी और भारी कमियां पाई गई हैं।
नीति आयोग ने कहा है कि लेबर सर्वे के आंकड़ों के दम पर ये किसी भी हाल में नहीं कहा जा सकता कि रोजगार के मौके पैदा नहीं हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये आंकड़े अधूरे हैं। सवाल ये भी है कि क्या झूठे आधार पर सरकार के सामने गलत आंकड़े पेश किए गए हैं। पनगढ़िया का कहना है कि इस पर लगातार काम किया जा रहा है। नीति आयोग की मानें तो इस वक्त श्रम प्रधान उद्योगों की तरफ ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। जैसे इलेक्ट्रॉनिक असेंबलिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल्स और लेदर प्रोडक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है। इससे रोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्पेशल इकनॉमिक जोन तैयार किया जा रहा है। इससे घरेलू और विदेशी उद्योगों को आकर्षित करने का प्लान है। कुल मिलाकर कहें तो पीएम मोदी जल्द ही इन आंकड़ों की समीक्षा करने जा रहे हैं। इस वक्त उत्तराखंड भी बेरोजगारी की मार झेल रहा है और माना जा रहा है कि देवभूमि के लिए इस बार पीएम मोदी कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।