केदारनाथ आपदा के चार साल, नर कंकाल मिलने का सिलसिला जारी
Jun 16 2017 9:59AM, Writer:मीत
16 जून 2013 ये दिन उत्तराखंड के इतिहास के काले दिनों में से एक दिन है। ये दिन देवभूमि शायद कभी नहीं भूलना चाहेगी। ये भी सच है कि केदारनाथ में आई आपदा ने देवभूमि ही नहीं बल्कि पूरे देश को सन्न कर दिया था। हर चरफ उठती मौत की चीत्कारों ने कानों के पर्दे फाड़ दिए थे। गांव के गांव सूने हो गए। इस त्रासदी को भले ही चार साल बीत गए, लेकिन आज भी नर कंकाल मिलने का सिलसिला जारी है। सच ये भी है कि लापता हुए लोगों को आज तक खोजा नहीं जा सका है। 16 और 17 जून को केदारनाथ आपदा के बाद सरकार ने लापता हुए लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया था। देश के ना जाने कितने लोग हैं, जो आज भी अपनो की तलाश में केदारघाटी के चक्कर काटते रहते हैं। आस लगी रहती है कि क्या पता अपना खोया हुआ यहां मिल जाए। जिस हिसाब से यहां मौतें हुई थी, उस लिहाज से अब तक सिर्फ 653 नरकंंकालों को ही ढूंढा गया है।
आप सोचिए जहां कहा जा रहा था कि केदारनाथ की त्रासदी में हजारों लोग मौत के मुंह में समाए हैं, वहां बीचे चार सालों में सिर्फ 653 नरकंकाल निकाले गए हैं। सरकार की सर्च अभियान की पोल खुलती नजर आ रही है। आपदा के वक्त हजारों लोगों की मलबे में दब कर मौत हो गई। इससे भी कई बड़ी तादाद उन लोगों की थी जो अपनी जान बचाने के लिए केदारनाथ से जुड़ी अलग अलग पहाड़ियों से आने की कोशिश करने लगे थे। इन लोगों में से ज्यादातर को तो सफलता मिल गई, लेकिन कई लोग बीच रास्ते में ही फंस गए। कई लोग जान बचाने के लिए गुफाआं में गए और वहीं उनकी मौत हो गई। केदारनाथ की विषम भौगोलिक परिस्थितियो में वहां के पैदल रास्तों से बचकर निकलना काफी मुश्किल और जानलेवा था। कहा तो ये भी जाता है कि आज भी जंगलों के बीच कई लाशें पड़ी हैं। इसके अलावा भी कई और बातें इस खबर से जुड़ी हैं।
पुलिस लगातार सर्च आपरेशन चला रही है और वक्त वक्त जांच करती रहती है। इसी कड़ी मे मई के महीने में 13 से 15 तक एक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इस सर्च ऑपरेशन में सात नर कंकाल केदारनाथ मंदिर से तीस सौ मीटर दूर पर भैरवनाथ मंदिर के पास मिले थे। अब तक 653 नर कंकाल को खोजा जा चुका है। सरकारी हिसाब की बात करें तो अभी 4200 लोग लापता चल रहे हैं। अब जरा कुछ आंकड़ों पर भी गौर कीजिए। केदारनाथ आपदा में 40 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। इस आपदा में 4700 से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। अब तक कुल 653 नर कंकाल सर्च ऑपरेशन में ढूंढे गए हैं। केदारनाथ आपदा से उत्तराखंड के 110 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए थे। कुल मिलाकर कहें तो आपदा का एक सच ये भी है कि यहां लगातार नर कंकाल मिलते जा रहे हैं और ये नरकंकाल केदारनाथ आपदा की उन कड़वी यादों को हर बार ताजा कर रहे हैं।