उत्तराखंड में गर्माया गैरसैंण का मुद्दा, हरीश रावत ने कर दिया ये बड़ा ऐलान…
Jun 16 2017 7:20PM, Writer:जतिन
उत्तराखंड की राजनीति में गैरसैंण का मुद्दा बड़ा गर्माया हुआ है। इधर पूर्व सीएम हरीश रावत ने बड़ा ऐलान कर दिया है। चमोली दौरा पर आए हरीश रावत ने कहा कि अगर सरकार ने जनता की आवाज को दबाने का काम किया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। इसके साथ ही हरीश रावत ने सरकार को भी चुनौती दे डाली। हरीश रावत ने कहा है कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र हर हाल में आयोजित होना चाहिए। इसके साथ ही हरीश रावत स्थानीय रामलीला मैदान में धरने पर भी बैठे। पूर्व मुख्यमंत्री ने दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान हरीश रावत ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित ना करना विधानसभा में पारित संकल्प का साफ तौर पर उल्लंघन है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए जीवन भर संघर्ष करती रहेगी। गैरसैंण में रोड शो करने के बाद हरीश रावत ने रामलीला मैदान पर धरना किया। इसके बाद उन्होंने बड़ी बातें कही।
यहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के बहाने गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र को बार बार टाला जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार जून में गैरसैंण में विधानसभआ सत्र नहीं करवा पाई, ऐसे में बारिश के दौरान या फिर सर्दियों में ऐसी उम्मीद करना बेमानी होगा। इसके साथ ही हरीश रावत ने सरकार पर किसान, महिला और गरीब विरोधी होने का आरोप भी लगाया। गैरसैण मुद्दे पर कांग्रेस अब बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। इसकी कमान खुद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संभाल ली है। दरअसल रावत ने गैरसैण यात्रा शुरू कर दी थी। ऋषिकेश में कार्यकताओं द्वारा जोरदार स्वागत किए जाने के बाद रावत गैरसैण यात्रा पर रवाना हो गए। इसके बाद वो चमोली पहुंचे। इसके साथ ही हरीश रावत ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने गैरसैण को अपने एजेंडे से बाहर कर दिया है। इसके अलावा भी पूर्व सीएम ने कुछ और भी बड़ी बातें कही।
उन्होंने कहा कि जनता और सरकार दोनों को उस वादे की याद दिलाने वो इस यात्रा पर निकले हैं। इसके साथ ही हरीश रावत ने सरकार पर कुछ और भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कन्याधन और गौरादेवी येाजना में कटौती के साथ वृद्धावस्था की योजनाओं में कमी की गई है। इस तरह से सबका साथ सबका विकास का प्रचार गलत है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाने का काम किया गया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या सरकार गैरसैंण में विधानसभा सत्र का आयोजन करवाएगी ? इससे पहले हमने आपको बताया था कि गैरसैंण में बने सरकारी आवास सिर्फ धूल फांक रहे हैं। कई इमारतें तो जर्जर हो चुकी हैं। ऐसे में सरकार के सामने ये भी बड़ा प्रश्न है कि वहां विधानसभा सत्र करवाने से पहले किस तरह भवनों की हालत ठीक करवाई जाए ? उधर कांग्रेस खुला ऐलान कर चुकी है कि अगर गैरसैंण में विधानसभआ सत्र आयोजित नहीं हुआ तो उत्तराखंड की सड़कों पर आंदोलन होगा।