1 जुलाई की रात भारत में मनेगा आजादी जैसा जश्न, गवाह बनेंगी अरबों आंखें !
Jun 19 2017 2:36PM, Writer:शैलेष
1 जुलाई का दिन देश के लिए कई मायनों में बेहद खास हो सकता है। 15 अगस्त 1947 की आधी रात को मिली आजादी के जश्न जैसे संमारोह की तैयारियों में भारत सरकार जुटी है। एक जुलाई को गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स का शुभारंभ संसद के केंद्रीय कक्ष से हो सकता है। सभी राज्या इस बात को लेकर सहमत हैं। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सरकार मेगा लॉन्च की तैयारी कर रही है। इस प्रोग्राम के जरिए एक बार फिर से देशवासियों को बताया जाएगा कि किस तरह से जीएसटी उनके लिए फायदेमंद साबित होने जा रहा है।आपको बता दें कि GST में सेंट्रल एक्साइज और वैट से लेकर सभी तरह के टैक्स को शामिल किया गया है। सरकार एक देश एक टैक्स के फॉर्मूले पर काम कर रही है। आपको बता दें कि पहले जीएसटी को विज्ञान भवन से लॉन्च करने का प्लान था। लेकिन अब सरकार अपना प्लान बदल रही है। विज्ञान भवन में ही जीएसटी काउंसिल की ज्यादातर बैठकें हुई हैं।
कहा जा रहा है कि संसद के सेंट्रल हॉल के बारे में लगातार विचार किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस प्रोग्राम में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी बुलाया जाएगा। जीएसटी काउंसिल इससे पहले बात चुकी है कि सरकार के पास जीएसटी को टालने का वक्त नहीं है। इसलिए ये फैसला तो ले लिया गया है कि देशभर में 1 जुलाई से ही जीएसटी लागू किया जाएगा। इससे पहले रविवार को एक मीटिंग की गई थी। इस मीटिंग में सभी वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए टैक्स की दरें आखिरकार तय हो गई हैं। इसके साथ ही लगभग सभी नियमों को भी हरी झंडी मिल गई। कहा जा रहा है कि अब 30 जून को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग होगी। इस मीटिंग में बाकी बची थोड़ी बहुत परेशानियों को भी दूर कर लिया जाएगा। देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि तमिलनाडु, पंजाब और केरल जैसे राज्यों को अपना-अपना कानून पास करवाना है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में भी ये राज्य अपनी प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे।
जम्मू और कश्मीर में जीएसटी लागू होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पीडीपी-बीजेपी की सरकार तो कानून लाने को तैयार है, लेकिन नैशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी इस कानून को राज्य की स्वायत्ता के लिए खतरा बता रही है। खास बात ये भी है कि नैशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार में वित्त मंत्री रहे अब्दुल रहीम जीएसटी के लिए अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। इससे साफ पता चल रहा है कि किस तरह से पीडीपी सरकार के खिलाफ मुखर हो रही है। उधर पश्चिम बंगाल की सरकार भी जीएसटी के लिए राजी होे गई है। पहले ममता बनर्जी ने भी जीएसटी के खिलाफ कई बातें कही थी। कुछ भी कहें लेकिन 1 जुलाई को देश में बहुत कुछ अलग होने जा रहा है। सरकार जीएसटी लॉन्चिंग के कार्यक्रम को कुछ कुछ आजादी के कार्यक्रम की तर्ज पर करना चाहती है। अब देखना है कि 1 जुलाई को सरकार किस तरह से जीएसटी की लॉन्चिंग का भव्य कार्यक्रम मनाती है।