उत्तराखंड में अब ऐसे बिक रही है शराब, जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान...
Jun 20 2017 9:06PM, Writer:कैलाश
उत्तराखंड में इस वक्त शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन लगातार जारी है। महिलाएं सड़क पर उतरकर शराब के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रही हैं। दूसरी तरफ आबकारी विभाग इसके तोड़ के लिए कई इलाकों में गाड़ियों से शराब की सप्लाई कर रहा है। अब जरा ये भी आपको बता देते हैं कि आखिर उत्तराखंड में ऐसा कहां हो रहा है। खिर्सू और श्रीनगर में छोटी गाड़ियों यानी मोबाइल वैन से शराब बेची जा रही है। शर्म आनी चाहिए ऐसे लोगों को जो इस तरह से उत्तराखंड की छवि को धूमिल कर रहे हैं। क्या ऐसे लोगों को महिलाओं का गुस्सा नहीं दिखता ? क्या ऐसे लोग उत्तराकंड की संस्कृति पर धब्बा लगाने की कोशिश नहीं कर रहे ? शराब की दुकानों का संचालन करना विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया तो उन्होंने ऐसा तरीका इजाद किया है। शराब की दुकान के विरोध को देखते हुए आबकारी विभाग ने खिर्सू में मोबाइल वैन से शराब की बिक्री शुरू कर दी है। इसके अलावा भी इस खबर से जुड़ी कुछ और बातें हैं।
उधर श्रीनगर में भारी विरोध के बीच शराब इस तरह से भी बेची जा रही है। ये हाल है हमारे पहाड़ों का। इस मामले में देखा जाए तो गलती उन लोगों की भी है, जिन्हें शराब की लत लग गई है। गलती उन लोगों की भी पूरी है जो लोगों को लगातार शराब की लत लगा रहे हैं। मंगलवार को भारी बारिश के बावजूद श्रीनगर में गोतीर्थाश्रम के पास शराब की दुकानों के विरोध में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। विरोध में महिलाओं का आंदोलन लगातार जारी रहा। महिलाएं भारी बारिश में छाता लेकर शराब की दुकान के सामने मानव श्रृंखला बना कर डटी रही। इस बीच महिलाओं का कहना है कि जब तक दुकान बंद नहीं कर दी जाती उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि शराब की दुकान नियमों के खिलाफ संचालित की जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन दुकान संचालकों को पूरा संरक्षण दे रहा है। महिलाओं का कहना है कि उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
इसके अलावा खिर्सू में शराब की दुकान के विरोध को देखते हुए आबकारी विभाग ने मोबाइल वैन से शराब की बिक्री का फैसला लिया है। आबकारी निरीक्षक का कहना है कि खिर्सू में मोबाइल वैन से बिक्री शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि मोबाइल वैन हर दिन एक तय किए गए स्थान पर शराब की बिक्री करेगी। वैन संचालक हर दिन मोबाइल वैन के स्थान के संबंध में विभाग को जानकारी उपलब्ध कराएंगे। कुछ ऐसा हाल हो रहा है हमारे उत्तराखंड का। जहां शराब का विरोध करना लोगों के लिए भारी पड़ रहा है। आखिर कैसे ऐसे में एक सुशील उत्तराखंड की कल्पना की जा सकती है। सवाल ये है कि आखिर सरकार इस मामले में जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेगी ? सरकार इससे पहले बता चुकी है कि शराब उत्तराखंड के रेवेन्यू पर असर डाल सकती है। इसके साथ ही कहा गया है कि जल्द ही सरकार इस पर कोई बड़ा फैसला लेगी। अब देखना ये है कि ये आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा या फिर आंदोलनकारियों को कोई अच्छी खबर मिलेगी ?