उत्तराखंड की बेटी की ये कहानी पढ़िए, इसके बाद ही देखना अक्षय कुमार की फिल्म
Jun 22 2017 5:06PM, Writer:केसर
उत्तराखंड की बेटियां लगातार ऐसे ऐेसे काम कर रही हैं कि दुनिया के फलक पर अपनी एक अलग ही पहचान साबित हो जाए। राज्य समीक्षा का उद्देश्य है कि आपको खबरों के अलावा ऐसे लोगों से भी परिचित कराना है, जो उत्तराखंड का मान बढ़ा रहे हैं। हमारा मानना है कि उत्तराखंड असीमित प्रतिभाओं का प्रदेश है। आज हम आपको एक ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने अपने दम से एक बेमिसाल कहानी लिख डाली है। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार की 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' फिल्म रिलीज होने वाली है। इस फिल्म की कहानी टॉयलेट पर है ये तो आपको याद होगा। लेकिन इस फिल्म के रिलीज होने से पहले ही उत्तराखंड की एक बेटी ने एक और कहानी लिख डाली है। जाहिर है उत्तराखंड की इस नारी शक्ति की कहानी पढ़कर आप इस खबर को शेयर जरूर करेंगे। उत्तराखंड का पौड़ी गढ़वाल, जिसने देश को बड़े बड़े कद्दावर लोग दिए है।
आज देश के बड़े से बड़े पदों पर पौढ़ी गढ़वाल के लोग बैठे हैं। पौढ़ी के ही किशनपुर जिले की एक एक बेटी ने देश को सिखाया है कि अगर आपके मन में विश्वास है और आप ढृढ़ संकल्प के साथ किसी काम के लिए डटे हैं, तो आप कुछ भी कर सकते हैं। भाबर की ग्राम पंचायत लोकमणीपुर के शीतलपुर गांव निवासी एक नवविवाहिता ने घर में शौचालय ना होने पर अपना ससुराल छोड़ दिया। जी हां शौचालय नहीं था तो घर ही छोड़ दिया। इसके साथ ही इस नवविवाहिता ने अपने पति को चेतावनी दे डाली कि जब तक घर में शौचालय नहीं तब तक वो नहीं लौटेगी। जाहिर है कि पति आखिर क्या करे, जब पत्नी अपनी जिद पर अड़ जाए। वो यानी महिला का पति घर में टॉयलेट बनाने को जुटा है। जहां एक ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशवासियों को घर-घर में शौचालय बनवाने पर लगातार जोर दे रहे हैं।
वहीं भाबर के लोकमणीपुर ग्राम पंचायत के शीतलपुर समेत कई गांवों में आज भी लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। लेकिन एक नवविवाहिता ने शौचालय ना होने पर बगावत कर डाली। ग्रामीणों के मुताबिक शीतलपुर गांव निवासी हरीश सिंह की गत अप्रैल माह में शादी हुई थी। बीपीएल श्रेणी के हरीश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि शौचालय बनाने के लिए उसके पास खाने के लि भी कुछ नहीं था। डेढ़ महीने पहले उसकी शादी शहदपुरी, सोनिया से हुई। सोनिया को जब पता चला कि जिस घर में उसकी शादी हो रही है, उस घर में शऔचालय तक नहीं है। तो उसने ठान लिया कि सबसे पहले घर में शौचालय ही बनवाना है। सोनिया ने पति से शौचालय बनवाने की जिद की। जब पति ने खराब आर्थिक स्थिति का हवाल दिया तो वो 8 जून को रूठकर मायके चली गई। जाते हुए सोनिया ने अपने पति से कहा कि वह जब तक घर में शौचालय नहीं बनेगा, तब तक ससुराल नहीं लौटेगी। ये भी एक जिद है, जो हर हाल में पूरी होनी चाहिए। साथ ही सरकार को इस तरफ ध्यान देना पड़ेगा कि गांव गांव तक जिस शौचालय को बनवाने का वादा किया गया है, क्यो वो वादा पूरा किया गया ?