पहाड़ी शेर अजीत डोभाल बने पीएम मोदी के संकटमोचक, अमेरिका में किया ये काम
Jun 28 2017 9:06PM, Writer:शांतनु
देशभर में इस वक्त चर्चा अभी भी मोदी और ट्रम्प की मुलाकात को लेकर हो रही है। पूरी दुनिया की निगाहें मोदी और ट्रम्प की मुलाकात पर लगी हुई थी। ओबामा के साथ मोदी के रिश्ते काफी अच्छे थे। ऐसे में ट्रम्प के साथ उनके संबंधों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। दोनों नेताओं ने जिस गर्मजोशी से बात की उस से भारत और अमेरिका के मजबूत संबंध और मजबूत होने की बात की जा रही है। बहरहाल हम आपको पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान हुई एक घटना बताएंगे। पहाड़ के शेर अजीत डोभाल मोदी के काफी करीबी माने जाते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार होने के साथ साथ वो मोदी के हर विदेश दौरे पर साथ जाते हैं। वो सुरक्षा के लिए रणनीति बनाते हैं। केवल इतना ही डोभाल का काम नहीं है वो कई मौकों पर मोदी के लिए संकटमोचक भी बन चुके हैं। अमेरिका में एक बार फिर से ये देखने को मिला। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान को सुन रहे थे।
उस समय पीएम मोदी पूरी तल्लीनता के साथ ट्रम्प की बातों को समझने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान तेज हवा चलने लगी। हवा के झोंके के कारण मीडिया के लिए तैयार मोदी के बयान के कुछ पन्ने उड़ गए। ये काफी गंभीर पल था। पीएम नरेंद्र मोदी को उन्ही कागजों को देख कर अपना बयान देना था। ऐसे में अजीत डोभाल फिर से मोदी के लिए संकटमोचक बन कर सामने आए। अजीत डोभाल सबसे आगे की कतार में बैठे थे। उन्होंने देख लिया कि बयान के कुछ पन्ने हवा में उड़ गए हैं। उन्होंने हालात की गंभीरता को भांपते हुए फौरन सारे पन्नों को समेटा और पीएम नरेंद्र मोदी के पास रख दिया। उसके बाद फिर से तेज हवा के कारण कुछ पन्ने उड़े लेकिन इस बार डोभाल पहले से मुस्तैद और चौकन्ने थे। उन्होंने फौरन सारे पन्नों को समेटकर फिर से मोदी के सामने रख दिया। इस तरह से डोभाल ने पीएम मोदी को बड़ी मुश्किल से बचा लिया। मोदी और ट्रम्प के बीच ये पहली द्विपक्षीय बैठक थी।
आपको बता दें कि इन कागजों में भारत और अमेरिका के बीच होने वाले बड़े समझौतों की मुख्य बातें लिखी गई थी। जाहिर है अगर ये कागज कहीं गुम हो जाते तो पीएम मोदी परेशानी में पड़ सकते थे। ऐसे में डोभाल पीएम मोदी के लिए संकटमोचक ही बनकर आए। वहीं मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात को लेकर चीन भारत को चेतावनी दे चुका है। अजित डोभाल चीन को कड़े शब्दों में कई बार चुनौती दे चुके हैं। दरअसल china के अखबार ग्लोबल टाइम्स में इस मुलाकात को लेकर कई बातें कही जा रही हैं। ग्लोबल टाइम्स में लिखा गया कि भारत को china को लेकर इस तरह की आक्रामकता नहीं दिखानी चाहिए। साथ ही अखबार में कहा गया कि china की ताकत भारत के हर मामले में कई ज्यादा है। आगे लिखा गया है कि भारत को अमेरिका से जो समर्थन हासिल हो रहा है, उसे लेकर किसी भी तरह की चिंता नहीं होनी चाहिए।