आर्मी चीफ बिपिन रावत का पहाड़ी दिमाग, चल दी खतरनाक ‘ढाई चाल’, ड्रैगन हुआ सन्न !
Jun 30 2017 7:19PM, Writer:Shantanu
भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत इन दिनों चर्चा में हैं। उनके चर्चा में रहने का कारण उनका पहाड़ी दिमाग बताया जा रहा है। दरअसल सेना प्रमुख ने दिमागी चाल से चीन को परेशान कर रखा है। ये सभी को पता है कि भारत और चीन के रिश्ते मौजूदा समय में तनावपूर्ण हैं। इसके पीछे चीन की विस्तारवादी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। इसके अलावा अपने पड़ोसी देशों की सीमाओं का उल्लंघन करना चीन का पसंदीदा शगल बनता जा रहा है। सिक्किम में सीमा के पास जिस तरह से चीन दखल दे रहा है उस का भारत ने विरोध किया है। लेकिन चीन सेना हटाने की मांग कर रहा है। भूटान के साथ सुरक्षा संबंध होने के कारण भारतीय सेना वहां पर तैनात है। ऐसे में चीन 1962 की जंग की याद दिला कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
ड्रैगन की तरफ से हो रहे इन हमलों का सरकार के स्तर पर जवाब तो दिया ही जा रहा है। साथ ही सेना प्रमुख बिपिन रावत भी चीन को जवाब दे रहे हैं। बिपिन रावत ने एक बयान दिया था। जिस पर कहा जा रहा है कि उस से चीन बौखला गया है। चीन भारत को इतिहास से सबक लेने की बात कर रहा है तो वहीं सेना प्रमुख ने कहा कि भारत ढाई मोर्चे पर जंग के लिए एकदम तैयार है। ये चीन को जवाब माना जा रहा है। हालांकि चीन का रुख भारत के लिए परेशानी का कारण लगातार बनता जा रहा है। दरअसल पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद से ही चीन का रुख बदला हुआ दिख रहा है। ट्रम्प और मोदी ने पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई थी। पाकिस्तान से सीमा पार से आतंकवाद रोकने के लिए कहा था साथ ही ट्रम्प ने आतंकी सलाउद्दीन को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर दिया।
पाकिस्तान पर दबाव बढ़ने से चीन भड़का हुआ है। पाकिस्तान के साथ संबंधों के कारण चीन ने भारत पर दबाव बनाते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ जंग को लेकर काफी गंभीर है। ऐसे में बिपिन रावत का ये बयान काफी अहम है। ये भारतीय सेना की तैयारियों की तरफ संकेत कर रहा है। सेना प्रमुख के कहने का ये मतलब था कि भारतीय सेना पाकिस्तान और चीन के साथ साथ आंतरिक चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है। चीन ने इसे भड़काऊ बयान माना। चीन ने भारत के सामने बातचीत के लिए सिक्किम के डोंगलांग से भारतीय सैनिकों को हटाने की शर्त रखी है। इस पर जेटली ने कहा कि भूटान के साथ सुरक्षा संबंध के कारण भारतीय सेना वहां पर तैनात है। कुल मिलाकर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने चीन को हैरान कर दिया है। उसे ये समझ ही नहीं आ रहा है कि ढाई खतरों से निपटने की बात कह कर बिपिन रावत आखिर क्या इशारा कर रहे हैं।