इस टीम ने तैयार किया है जीएसटी, जानिए आखिर कौन हैं ‘दूसरी आजादी’ के सारथी...
Jul 1 2017 4:13PM, Writer:राहुल
जीएसटी आखिरकार देशभर में लागू हो गया है। आज हम आपको उस टीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने जीएसटी तैयार किया है। पीएम मोदी की इस टीम से आपका रू-ब-रू होना काफी ज्यादा जरूरी है। सबसे पहले बात करते हैं नवीन कुमार की, नवीन कुमार बिहार के चीफ सेक्रेटरी रह चुके हैं। जीएसटी से जुड़ा तकनीकी प्लैटफॉर्म डिवेलप करने में मुख्य हाथ नवीन कुमार का ही रहा है। इसके बाद नंबर आता है कि देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली का। जैटली ने इससे जुड़ी सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने का काम किया। आम सहमति बनाने पर जेटली का खासा जोर रहा है। अब बात करते हैं पूर्व रेवेन्यू ऐंड इकॉनमिक अफेयर्स सेक्रटरी शक्ति कांत दास की। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही शक्तिकांत दास GST लागू करने की तैयारियों में जुट गए थे। इसके साथ ही रेवेन्यू सेक्रटरी के तौर पर वो जेटली और संसदीय कमिटी के साथ काम करते रहे। खास बात ये है कि दास ने राज्यों से बात करके सभी तरह की परेशानियों को दूर किया।
इसके बाद नंबर आता है नजीब शाह का। नजीब ने उस वक्त सूत्रधार की भूमिका निभाई, जब GST की प्लानिंग भी नहीं की गई थी। इस बिल के फॉर्मेट को तय करने का काम नजीब शाह ने किया। अब बात करते हैं रेवेन्यू सेक्रटरी हसमुख अधिया की। इन्होंने GST को कामयाब बनाने के लिए हर कोशिश की। इसके लिए अधिया देस के अलग अलग राज्यों से लगातार बात करते रहे। राज्यों की परेशानी तो उन्होंने सुनी ही, लेकिन जहां सख्त कदम उठाने थे, वहां उन्होंने सख्ती भी दिखाई। अब बात करते हैं सीबीईसी चेयरपर्सन वनजा की। उन्होंने केंद्र सरकार की उस एजेंसी की अगुआई की, जिसको GST की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद नंबर आता है अरुण गोयल का। अरुण उत्तराखंड के आईएएस कैडर के आईएएस अफसर हैं। अरुण ने ठहरे हुए प्रोजेक्ट्स को हैंडल कर रहे ग्रुप की मॉनिटरिंग की। इन मॉनिटरिंग के लिए अरुण ने दिन रात एक कर के काफी मेहनत की है। उनके दम पर भी जीेसटी को मूल रूप मिल पाया।
इसके बाद नंबर आता है उपेंद्र गुप्ता का। उन्होंने GST से जुड़े हर तकनीकि पहलू का ध्यान दिया। इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज के इस ऑफिसर ने खामियों को दूर करने का काम किया। इसके अलावा रेवेन्यू डिपार्टमेंट के ज्वॉइंट सेक्रटरी उदय सिंह ने भी इसमें काफी योगदान दिया। वो जीएसटी से जुड़े कानून और नियमों पर काम करते रहे। इसके बाद नंबर आता है कि वरजा सरना का। सीबीईसी चेयरपर्सन वनजा ने अप्रैल से ही केंद्र सरकार की उस एजेंसी की अगुआई की, जिसकी जीएसटी को कामयाब तरीके से लागू करने के लिए जिम्मेदारी तय की गई थी। कुल मिलाकर कहें तो ये पीएम मोदी की टीम के वो महारथी हैं, जिन्होंने जीएसटी को लागू करने के लिए दिन रात एक किए। आज इनकी मेहनत का ही नतीजा है कि जीएसटी लागू हो गया है। माना जा रहा है कि इसेक लागू होने से देश की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त बदलाव आएगा। अब देखना ये है कि इस टीम की मेहनत का कैसा असर होगा।