image: Arun goyal the mastermind of gst

‘उत्तराखंडी’ दिमाग की उपज है GST, मिलिए पीएम मोदी के इस मास्टरमाइंड से…

Jul 2 2017 11:44AM, Writer:अरुण

जीएसटी पूरे देश में लागू हो चुका है। हर कोई इसके बारे में बड़ी बड़ीं बातें कह रहा है। इस बीच कई लोग तो ऐसे भी हैं, जो जीएसटी का श्रेय लेते जा रहे हैं। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि जिस टीम ने जीएसटी को देश के सामने पेश किया, उस टीम में एक उत्तराखंडी दिमाग भी था। जीएसटी काउंसिल के अडिशनल सेक्रटरी और उत्तराखंड कैडर के आईएएस अफसर हैं अरुण गोयल। शायद इस नाम को आप बहुत कम जानते होंगे। इसलिए इस नाम को जानिए और अपने उ्तराखंड की ताकत को भी समझिए। हमें उम्मीद है कि आप इस खबर को शेयर भई करेंगे। अरुण वो नाम है जिन्होंने जीएसटी को शुरूआत से ही एक दिशा दी। इस दौरान अरुण ने ठहरे हुए प्रौोजेक्ट्स को हैंडल किया। इसके साथ ही ग्रुप की मॉनिटरिंग की। ये बात आप अच्छी तरह से जान लीजिए कि अरुण गोयल को जीएसटी से जुड़े नियम-कायदों का सबसे बड़ा जानकार माना जाता है।

इससे पहले अरुण भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं। उन्हें गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्‍स परिषद में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली इस परिषद की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस परिषद ने ही जीएसटी की दर तय की हैं। इसके साथ ही जीएसटी से छूट प्राप्त वस्तुओं के बारे में भी फैसला जीएसटी परिषद ने ही किया है। इससे पहले मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने ही जीएसटी परिषद में अतिरिक्त सचिव के पद पर अरुण गोयल की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी एक आदेश में इस बात की जानकारी भी दी गई थी। गोयल 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। ववो मंत्रिमंडल सचिवालय में परियोजना निगरानी समूह में अतिरिक्त सचिव के तौर पर काम कर चुके हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले जीएसटी परिषद का गैर-कार्यकारी सचिव नियुक्त किया था।

अरुण गोयल के अलावा इस टीम में बिहार के चीफ सेक्रेटरी रह चुके नवीन कुमार भी हैं। पूर्व रेवेन्यू ऐंड इकॉनमिक अफेयर्स सेक्रटरी शक्ति कांत दास भी इस टीम का हिस्सा रहे। इसके साथ ही नजीब शाह ने उस वक्त सूत्रधार की भूमिका निभाई, जब GST की प्लानिंग भी नहीं की गई थी। रेवेन्यू सेक्रटरी हसमुख अधिया ने GST को कामयाब बनाने के लिए हर कोशिश की। उधर सीबीईसी चेयरपर्सन वनजा की ने केंद्र सरकार की उस एजेंसी की अगुआई की, जिसको GST की जिम्मेदारी दी गई थी। खैर इतना जरूर है कि मोदी की इस टीम में उत्तराखंड कैडर के एक ऑफिसर ने छाप छोड़ी है। रुण उत्तराखंड के आईएएस कैडर के आईएएस अफसर हैं। अरुण ने ठहरे हुए प्रोजेक्ट्स को हैंडल कर रहे ग्रुप की मॉनिटरिंग की। इन मॉनिटरिंग के लिए अरुण ने दिन रात एक कर के काफी मेहनत की है। उनके दम पर भी जीएसटी को मूल रूप मिल पाया।


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