ऐसा पहली बार बार हुआ है, केदारनाथ में शुरू हुई दिव्य व्यवस्था
Jul 2 2017 6:00PM, Writer:कपिल
तीर्थनगरी केदारनाथ अपने धार्मिक दृष्टिकोण से पूरी दुनिया में मशहूर है। हर साल यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और बाबा भोलेनाथ के दर्शन करते हैं। इस बार कहा जा रहा है कि केदार यात्रा अपने पुराने रिकॉर्ड्स तोड़ सकती है। इसके साथ ही इस तीर्थनगरी में एक काम की शुरुआत हो गई है। ऐसा आपको यहां पहली बार देखने को मिलेगी। दरअसल तीर्थ पुरोहितों के संगठन केदार सभा ने यहां एक गौशाला का निर्माण कर दिया है। इसका शुभारंभ भी कर दिया गया है। इस गौशाला में अभी दो गाय पाली जा रही हैं। गाय के ताजे दूध से हर दिन बाबा केदार का अभिषेक किया जा रहा है। इसके साथ ही केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने इस बारे में की जानकारियां दी हैं। उनका कहना है कि मंदिर के पास में ही गौशाला का निर्माण कराया गया है। कहा जाता है कि भगवान शंकर को जल और दूध का अभिषेक बहुत प्रिय है।
इस वजह से केदार में ये काम शुरू हो गया है। इस गौशाला का नाम रामकृष्ण गोशाला रखा गया है। विनोद शुक्ला का कहना है कि इस गौशाला का शुभारंभ 27 जून को ही कर दिया गया था। समुद्रतल से साढ़े 11 हजार की फीट की ऊंचाई पर ये पहली गोशाला होगी। इसके साथ ही विनोद शुक्ला का कहना है कि गाय हिंदुओं के लिए माता के समान है और गौसेवा हर हिंदू का कर्तव्य है। इसके साथ ही उनका कहना है कि फिलहाल दोनों गायों से हर दिन 5 लीटर दूध मिल रहा है। इस दूध का इस्तेमाल अभिषेक के लिए किया जा रहा है। कपाट खुलने से पहले ही बदरी-केदार मंदिर समिति ने गौशाला के निर्माण की बात कही थी। लेकिन कुछ परेशानियों की वजह से इसका निर्माण नहीं हो पाया था। खैर आखिरकार महादेव के अभिषेक के लिए अलग से एक गौशाला का निर्माण करा लिया गया है। केदारनाथ में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है।
केदारनाथ में इस वक्त कई चीजों में बदलाव दिख रहा है। स्थानीय ढांचे को भी सुधारने का काम लगातार प्रगति पर है। मंदिर परिसर को सुधारने के लिए राजस्थान के उदयपुर से पत्थर मंगवाए गए हैं। आपदा के बाद से बर्बाद हुए केदार धाम को सुधारने के लिए कारीगर लगातार मेहनत में जुटे हैं। आपको याद होगा कि 3 मई को जब केदार धाम के कपाच खुले थे तो उस वक्त पीएम मोदी खुद सबसे पहले दर्शनों के लिए इस धाम में आए थे। इसके बाद पीएम मोदी ने वहां रुद्राभिषेक किया था। इसके साथ ही पीएम मोदी देशवासियों से अपील की थी कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर श्रद्धालु बाबा केदार का आशीर्वाद प्राप्त करें। देखा भी जा रहा है कि इस बार लाखों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। भोले बाबा के जयकारों के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दिवाली से ठीक एक दिन पहले बाबा के कपाट बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद वो अपने शीतकालीन निवास स्थान ऊखीमठ में आ जाएंगे।