पहाड़ का महारथी दिखाएगा मलेशिया में दम, उत्तराखंड के ‘आयरन मैन’ ने भरी हुंकार
Jul 5 2017 8:23PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड का देहरादून शहर। इस देहरादून शहर के ही रहने वाले हैं शंकर थापा। शंकर थापा के बारे में अगर आप नहीं जानते तो आज जान लीजिए। शंकर थापा इससे पहले भी उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश का मान बढ़ा चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका में हुई आयरनमैन प्रतियोगिता में शंकर थापा ने खिताब जीता था। अब एक बार फिर से ये लाल हुंकार भर रहा है। अब मलेशिया में आयरनमैन प्रतियोगिता होने जा रही है। इसके लिए देहरादून के शंकर थापा एकदम तैयार हैं। वो आयरन मैन प्रतियोगिता की तैयारी में लगे हुए हैं। ये एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसमें शारीर की शक्ति के साथ साथ मानसिक शक्ति की भी काफी जरूरत होती है। इस कॉ़म्पिटीशन में स्विमिंग, साइकिलिंग और मैराथन दौड़ होती है। इस कॉम्पिटीशन में शंकर थापा ने वेटरन कैटेगिरी में खिताब हासिल किया था। अब एक बार फिर से शंकर एक और खिताब जीतने के लिए तैयार हैं। शंकर थापा देहरादून के पंडितवाड़ी के रहने वाले हैं।
दक्षिण अफ्रीका के पोर्ट एलिजाबेथ में वो भारत का मान बढ़ा चुके हैं। इस वक्त इस कॉम्पिटीशन में भारत से 14 लोगों ने हिस्सा लिया था। इस कॉम्पिटीशन में सबसे पहले 3.8 किलोमीटर तक स्विमिंग कराई जाती है। इसके बाद लगातार 180 किमी साइकिलिंग कराई जाती है। इसके आखिर में 42.2 किमी मैराथन दौड़ कराई जाती है। उत्तराखंड का ये लाल पहले भी ये कारनामा कर चुका है। 45 से ज्यादा एज ग्रुप में शंकर थापा ने 226 किलोमीटर के इस कॉम्पिटीशन को 13.55 घंटे में पूरा कर लिया था। शंकर थापा शुरू से ही शानदार तैराक रह चुके हैं। वो फिलहाल मुंबई के समंदर में गोताखोरी का काम करते हैं। 5 साल पहले शंकर ने मौराथन में भाग लेना शुरू किया था। आयरन मैन की तैयारी के लिए उन्होंने नेशनल लेवल पर होने वाले कई कॉम्पिटीशन में हिस्सा लिया था। अब इस साल नवंबर में मलेशिया के लकांवी में आयरन मैन प्रतियोगिता होनी है। इसके लिए भी शंकर थापा अब पूरी तरह से तैयार हैं।
उत्तराखंड के युवा आज खेलों में अपना दम दिखा रहे हैं। चाहे बात आप एकता बिष्ट और मानसी जोशी की कीजिए, जो भारतीय क्रिकेट टीम को लगातार जीत दिला रही हैं। हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ इन दोनों बेटियों ने अपना दम दिखाया है। इससे पहले हमने आपको बताया था कि भारत की बास्केटबाल टीम की कप्तानी उत्तराखंड के विशेष भृंगुवंशी को दी गई है। इसके साथ ही इस टीम में उत्तराखंड के दो और खिलाड़ियों ने अपनी जगह बनाई है।इसके अलावा ऋषिकेश के उभरते हुए पहलवान लाभांशु शर्मा ने अपने करियर के पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ही भारत को गोल्ड मेडल दिया दिया। इसी के साथ साबित हो गया है कि देवभूमि भी ऐसे ऐसे ताकतवर और हुनरमंद युवाओं को पैदा कर रही है, जो देश ही नहीं बल्कि दुनिया में अपना लोहा मनवा रहे हैं। अब एक बार फिर से शंकर थापा से उत्तराखंड को काफी उम्मीदें हैं। हमें यकीन है कि इस बार भी उत्तराखंड का ये आयरमैन दुनिया का आयरनमैन बनकर दोबारा लौटेगा ।