उत्तराखंड से करते हैं प्यार, तो ये वीडियो देखिए बार-बार, इसमें कुछ खास है
Jul 7 2017 4:48PM, Writer:मीत
उत्तराखंड की हसीन वादियां हमेशा से ही सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही हैं। आज हम आपको एक वीडियो दिखा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये वीडियो उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड को प्रमोट करने के लिए तैयार किया गया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह से उत्तराखंड अपनी संस्कृति और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हर साल गर्मियों की छुट्टियां अपने साथ कई उम्मीदों को लेकर आती हैं, उम्मीदें खासकर बच्चों से जुडी होती हैं, जिनका वह बेसब्री से इन्तिज़ार करते हैं कि कब छुट्टियां हों और कब वो अपने प्रियजनों के वहां जाएँ। ये अनुभव ही कितना अच्छा है कि ग्रीष्मावकाश में भी सुहाना मौसम जहाँ गर्मी आपको महसूस ही न हो। जहाँ के ऊँचे ऊँचे वृक्ष आपको चारों ओर से घेरे हुए हों और ठंडी ठंडी हवाएँ आपको छूती हुई आगे बढ़ रही हों। तो दोस्तों सैर कीजिये इस बार उत्तराखंड की हसीन वादियों की। उत्तराखंड में कई धार्मिक स्थानों और पूजन स्थल होने के कारण इस उत्तराखंड को ‘देव भूमि’ या ‘भगवान की भूमि’ भी कहा जाता है। इसे भक्ति और तीर्थयात्रा के लिए सबसे पवित्र और अनुकूल स्थान माना जाता है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमोत्तर भाग के कई जिलों और हिमालय पर्वत श्रृंखला के एक हिस्से को जोड़कर उत्तराखंड राज्य का गठन किया गया था। यह राज्य हिमालय की तराई और भाभर की प्राकृतिक सुंदरता एवं संपन्नता के लिए मशहूर है। तिब्बत का स्वायत्त क्षेत्र राज्य के उत्तर में स्थित है। सन् 2007 में इस राज्य का नाम आधिकारिक रुप से उत्तरांचल से बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया था। देहरादून राज्य की राजधानी है और उत्तराखंड का सबसे बड़ा शहर है। उत्तराखंड की हाई कोर्ट नैनीताल में है जो राज्य का एक और महत्वपूर्ण शहर है। हस्तशिल्प और हथकरघा राज्य के दो प्रमुख उद्योग हैं। यह चिपको आंदोलन की उत्पत्ति के लिए भी मशहूर हैं। 9 नवंबर 2000 में एक अलग औपचारिक राज्य बनने के बाद यह अपने आप में पूर्ण राज्य बन गया। इस प्रदेश का निर्माण देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से अलग राज्य बनाकर किया गया।
उत्तराखंड का इतिहास इसके गौरवपूर्ण अतीत का गीत गाता है। इसकी उत्पत्ति और विकास का लंबा इतिहास रहा है जिसमें कई महान राजाओं और सम्राज्यों की झलकियां हैं - जैसे कुशान, कुडिना, कनिष्क, समुद्रगुप्त, कटुरिया, पलास, चंद्र और पवार। यदि उत्तराखंड के इतिहास के बारे में बात करें तो कहा जा सकता है कि इसका संदर्भ कई हिंदू पुराणों में मिलता है, लेकिन इसके इतिहास को सबसे अच्छे तरीके से गढ़वाल और कुमाउं के इतिहास के माध्यम से समझा जा सकता है।राज्य का कुल भूभाग 53,483 वर्ग किलोमीटर का है। राज्य का ज्यादातर क्षेत्र पहाड़ों और जंगलों से घिरा है। उत्तराखंड की विशिष्ट वनस्पतियों और जीव जंतुओं में स्नो लेपर्ड, भरल, बाघ, तेंदुए और असामान्य झाडि़यां और पेड़ शामिल हैं। भारत की दो बड़ी नदियां यमुना और गंगा के उद्गम स्थान राज्य में ही हैं। फिलहाल आप ये शानदार वीडियो देखिए जो उत्तराखंड की महिमा को दिखा रहा है।