उत्तराखंड सरकार पर ‘रूसी’ संकट, संयुक्त राष्ट्र संघ तक मचा हड़कंप !
Jul 10 2017 11:37AM, Writer:कपिल
रूस के एक नागरिक ने उत्तराखंड के हुक्मरानों के कान खड़े कर दिए हैं। उत्तरकाशी में रूस के इस नागरिक को बिना वीजा और पासपोर्ट के पकड़ा गया था। इस नागरिक का नाम सेरगुए बताया जा रहा है। इसके बाद सेरगुए को जेल में रखा गया था। लेकिन जबसे सेरगुए को जलव में रखा गया है, वो भूख हड़ताल पर बैठ गया है। वो भारत की नागरिकता चाहता है। पिछले 7 दिनों से सेरगुए ने खाना तक नहीं खाया है। इस वजह से उसकी तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई है। इसके बाद सेरगुए को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान सेरगुए ने संयुक्त राष्ट्र को मेल भेजी है । इसके साथ ही भारत में शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत मांगी है। अब सेरगुए की तबीयत और ज्यादा बिगड़ रही है। इस वजह से उसे ऋषिकेश एम्स में रेफर कराया गया है। ताया जा रहा है कि सेरगुए ने संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ साथ रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के नाम भी संदेश भेजा है।
जाहिर सी बात है कि उत्तराखंड का ये मुद्दा अब विदेशों में गूंजने लगा है। रविवार सुबह टिहरी पुलिस रूसी नागरिक को लेकर ऋषिकेश एम्स पहुंची थी। एम्स के डॉक्टर्स ने उसे प्रशासन के निर्देशानुसार फोर्स फीडिंग देने की कोशिश की। इसके बाद भी सेरगुए ने साफ इनकार कर दिया। अब बताया जा रहा है कि एम्स में भर्ती रूसी नागरिक सेरगुए लगातार माला का जाप कर रहा है। उसने योग और ध्यान भी शुरू कर दिया। डॉक्टर्स का कहना है कि सेरगुए अंदरुनी तौर पर स्वस्थ नहीं है। चिकित्सक रूसी नागरिक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उसे एम्स के मेडिसन वर्ल्ड में भर्ती किया गया है। बातचीत में सेरगुए ने बताया कि वो स्वस्थ है। इसके साथ ही उसका कहना है कि जब तक रशियन एंबेसी उससे बात नहीं करती तह तक वो खाना नहीं खाएगा। सेरगुए को एक जुलाई को उत्तरकाशी में बिना पासपोर्ट और वैध वीजा ना होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
तीन जुलाई से उसने टिहरी जेल में अन्न-जल का त्याग कर दिया था। उसका कहना है कि जब उसने कोई जुर्म नहीं किया तो उसे जेल में बंद क्यों किया गया है। उत्तरकाशी अभिसूचना इकाई और पुरोला पुलिस ने एक जुलाई को डामटा से रूसी मूल के सेरगुए रज्जाजेव को गिरफ्तार किया था। येे नागरिक 17 सालों से बिना वीजा और पासपोर्ट के भारत में रह रहा था। पुलिस ने फॉरेन अधिनियम के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज कर चार जुलाई को टिहरी जेल भेजा, लेकिन उसने गिरफ्तार होने के दिन से खाना नहीं खाया है। शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी जिला कारागार डॉ. अमित राय ने उसे जेल से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। वो सिर्फ पानी पी रहा है। सेरगुए ने ने संयुक्त राष्ट्र को मेल भेजी है, जिसमें उसने भारत में शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत मांगी है। उनका ये भी कहना है कि जबतक उन्हें जेल से रिहा कर शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत नहीं दी जाती तब तक खाना नहीं खाएंगे और चेतावनी दी है कि